इंदौर। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इंदौर जिला प्रशासन फायर सेफ्टी को लेकर सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शहर के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, होटलों, रेस्टोरेंट्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में एक दिन में 13 संस्थानों को सील किया गया।
एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कैटेलाइजर, रेजोनेंस, रामानुजन, आयाम, न्यूक्लियम सहित कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिले, जबकि कुछ संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश भी दिए गए थे। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की गई।
फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। यहां फायर ऑडिट नहीं कराया गया था तथा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके अलावा मेडिकोज करियर इंस्टीट्यूट में भवन जर्जर स्थिति में मिला और वहां भी आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे। एक बेसमेंट में संचालित अवैध ऑटो सेंटर को भी बंद कराया गया।
जूनी इंदौर क्षेत्र में नालंदा परिसर, स्टडी आईएएस, माइंड कोचिंग क्लासेस, उड़ान करियर इंस्टीट्यूट, स्टडी आईक्यू, इंस्पायर लाइब्रेरी, ईरा लाइब्रेरी, गुरुकुल क्लासेस, श्रीजी लाइब्रेरी, सारथी लाइब्रेरी सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। अब तक 70 से अधिक भवनों को सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर सील किया जा चुका है
