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ग्राम बड़गोदा में पुलिस का जन संवाद कार्यक्रम आयोजित

एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

महू। पुलिस थाना बड़गौंदा अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़गौंदा में बुधवार को ग्राम पंचायत प्रांगण में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण एसपी यांगचेन (डोलकर) भुटिया ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम रक्षा समिति सदस्यों तथा छात्र छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।

जन संवाद कार्याक्रम के तहत ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से वर्ता करते हुए।

कार्यक्रम के दौरान एसपी ने आमजन की शिकायतें सुनकर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए गए। एसपी ने कहा कि पुलिस सदैव जनता की सेवा के लिए तत्पर है। आमजन पुलिस को अपना मित्र समझकर निःसंकोच थाना स्तर से लेकर वरिष्ठ कार्यालय तक अपनी समस्या रख सकते हैं। सभी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाएगा। उन्होंने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर क्राइम को लेकर लोगों को जागरुक रहने की सलाह दी तथा छात्र छात्राओं को सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

ग्रामीणों ने थाना क्षेत्र में पुलिस बल की कमी और चोरी की बढ़ती घटनाओं का मुद्दा उठाया। इस पर पुलिस अधीक्षक ने जामगेट में पुलिस चौकी खोले जाने का प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही। साथ ही थाना प्रभारी बड़गौंदा को चोरी की घटनाओं की पतारसी कर प्रभावी रोकथाम के निर्देश दिए।

पुलिस की सहायता करने वाले ग्रामीणों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान थाना क्षेत्र के पातालपानी में गिरे युवक को सुरक्षित निकालने तथा अन्य घटनाओं में पुलिस की सहायता करने वाले ग्रामीणों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि पदस्थापना के बाद से ही पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के प्रत्येक थाने के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति सप्ताह जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन की समस्याएं सुनकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे पुलिस और जनता के बीच समन्वय एवं मधुर संबंध स्थापित हो रहे हैं। कार्यक्रम में एएसपी रुपेश द्विवेदी, एसडीओपी महू ललित सिंह सिकरवार, थाना प्रभारी बड़गौंदा प्रकाश वास्कले सहित थाना बड़गौदा का पुलिस बल उपस्थित रहा।

प्रशासन की सख्ती के बीच महू के चिप्स उद्योग ने शुरू की नई तैयारी

पर्यावरणीय नियमों के पालन से बढ़ी लागत, लेकिन उद्योग सुधार की राह पर

ईटीपी और स्टोरेज टैंक की तैयारी में जुटे कारखाना संचालक

महू। महू विकासखंड के कोदरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में संचालित होने वाले आलू चिप्स कारखानों को लेकर इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हालांकि इसे उद्योग जगत एक चुनौती के साथ-साथ सुधार के अवसर के रूप में भी देख रहा है। हजारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन किए बिना किसी भी कारखाने को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस निर्णय के बाद चिप्स कारोबार की राह निश्चित रूप से खर्चिली हो गई है, लेकिन कारखाना संचालकों का कहना है कि वे नियमों के अनुरूप उद्योग संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कच्चे माल का स्टोरेज कर अनुमति के इंतेजार में।

अनुमति की प्रक्रिया में जुटे संचालक

जिला एवं स्थानीय प्रशासन की संयुक्त बैठक में अपर कलेक्टर (एडीएम) रिंकेश वैश्य द्वारा निर्देश दिए गए थे कि दूषित पानी का निपटान केवल एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के माध्यम से ही किया जाए। निर्देशों के बाद शुरूआती चरण में लगभग दो दर्जन से अधिक कारखाना संचालकों ने अपने-अपने स्तर पर ईटीपी प्लांट की बुकिंग प्रारंभ कर दी है। साथ ही अपशिष्ट पानी के अस्थायी भंडारण के लिए बड़े गड्ढे खुदवाकर उन्हें स्टोरेज टैंक का स्वरूप दिया जा रहा है। इधर कुछ छोटे संचालक आर्थिक भार को देखते हुए प्रक्रिया का आकलन कर रहे हैं, लेकिन उनका भी कहना है कि वे नियमों का पालन करते हुए ही कारोबार करेंगे। कई संचालकों ने पहले ही कच्चे माल का स्टॉक कर लिया है और प्रशासनिक अनुमति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

औद्योगिक डायवर्जन बना नई चुनौती


प्रशासन ने भूमि का औद्योगिक डायवर्जन कराना भी अनिवार्य किया है। जिन संचालकों के पास निजी भूमि है, उन्होंने आवश्यक क्षेत्र का डायवर्जन करवा लिया है। वहीं किराए की कृषि भूमि पर कार्य करने वाले संचालकों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर है, क्योंकि कृषि भूमि के औद्योगिक में परिवर्तन के बाद खेती संभव नहीं रहती। कारखाना संचालक अंकुर मित्तल का कहना है कि संचालक केवल उतने ही क्षेत्र का डायवर्जन करा रहे हैं, जहां भट्टी और मशीनरी स्थापित होगी। चिप्स सुखाने वाली खुली भूमि के संबंध में वे प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश की अपेक्षा कर रहे हैं।

सीमित समय में बड़ी तैयारी

कोदरिया क्षेत्र में पिछले एक दशक से अधिक समय से 150 से अधिक अस्थायी कारखाने फरवरी से मई तक संचालित होते रहे हैं। यहां निर्मित आलू चिप्स और सेव की मांग प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी रहती है। यह उद्योग स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में श्रमिकों को मौसमी रोजगार भी प्रदान करता है। हालांकि अपशिष्ट पानी की समस्या के कारण ग्रामीणों को पूर्व में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कारखाना संचालकों का कहना है कि वे पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए उद्योग को व्यवस्थित स्वरूप देना चाहते हैं। यदि प्रशासन आवश्यक मार्गदर्शन और समयबद्ध अनुमति प्रक्रिया सुनिश्चित करे, तो उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

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रामादल द्वारा शबरी माता जयंती उत्सव उत्साह व उल्लास के साथ मनाया गया

महू। राम सामाजिक सांस्कृतिक एवं धर्म जागरण समिति रामादल द्वारा शबरी माता जयंती उत्सव का आयोजन स्थानीय माता अहिल्याबाई होलकर कन्या शाला (गर्ल्स स्कूल) में उत्साह एवं उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में महू एवं आसपास के ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में जनजाति परिवारों के बालक-बालिकाएं, माताएं-बहनें, युवा एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती एवं शबरी माता के चित्र पर तिलक-वंदन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आयोजन राम सामाजिक सांस्कृतिक एवं धर्म जागरण समिति रामादल के संस्थापक लोकेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जनजाति परिवारों का तिलक-वंदन कर सम्मान किया गया तथा अमृत भोज का आयोजन भी हुआ। रामादल की ओर से जनजाति परिवारों को मां शबरी द्वारा भगवान श्रीराम को बेर अर्पित करते हुए चित्र एवं अनेक उपहार भेंट किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जल संसाधन विभाग भोपाल के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बी.एल. निनामा, मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सह शारीरिक प्रमुख मनीष नीम तथा विशेष अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सेविका समिति की जिला कार्यवाहिका एवं स्वावलंबी मातृ सृजन सामाजिक एवं महिला कल्याण संस्था महू की अध्यक्ष साधना शर्मा उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के दौरान बालक-बालिकाओं द्वारा भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं मां शबरी के स्वरूप में भावपूर्ण नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मां शबरी द्वारा प्रभु श्रीराम को बेर अर्पित करने का दृश्य दर्शाया गया। मुख्य वक्ता मनीष नीम ने समाज में समरसता एवं एकता पर बल देते हुए कहा कि सामाजिक मजबूती के लिए संघ, विहिप एवं रामादल जैसे संगठनों के साथ मिलकर कार्य करना आवश्यक है। वहीं रामादल प्रमुख लोकेश शर्मा ने कहा कि कोई वनवासी या नगरवासी नहीं, हम सभी भारतवासी हैं और एक परिवार हैं।

कार्यक्रम का संचालन रामादल के कोषाध्यक्ष विकास विजय शर्मा ने किया एवं आभार वरिष्ठ समाजसेवी राजीव खंडेलवाल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामादल परिवार के अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा। यह जानकारी रामादल के अधिवक्ता अंकित विक्की परदेशी द्वारा दी गई।

महिला एवं पुरुष वर्ग में नैशनल फुटबॉल क्लब महू का शानदार प्रदर्शन, दोनों वर्गों में फाइनल में प्रवेश

महू।मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन एवं इंदौर जिला फुटबॉल संघ के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय भगवानदास शर्मा एवं प्रख्यात फुटबॉलर स्वर्गीय शंकरराव नवग्रहे (शंकर दादा) की स्मृति में आयोजित ऑल इंडिया महिला एवं राज्य स्तरीय पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए। दोनों वर्गों में नैशनल फुटबॉल क्लब महू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई।

महिला वर्ग के सेमीफाइनल में नैशनल फुटबॉल क्लब महू का मुकाबला डीएफए रायसेन फुटबॉल क्लब रायसेन से हुआ। रोमांचक मुकाबले में निर्धारित समय तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद हुए पेनल्टी शूटआउट में नैशनल फुटबॉल क्लब महू ने 4-2 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।

पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में नैशनल फुटबॉल क्लब महू ने बी.यू फुटबॉल क्लब भोपाल के विरुद्ध आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए 4-0 से एकतरफा जीत हासिल की और फाइनल में जगह पक्की की।

प्रतियोगिता संयोजकों नीरज शर्मा एवं अमित शुक्ला ने बताया कि ऑल इंडिया महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताबी फाइनल मुकाबला आज सोमवार शाम 6 बजे एमएस फुटबॉल एकेडमी बीकानेर (राजस्थान) एवं नैशनल फुटबॉल क्लब महू के बीच खेला जाएगा। वहीं राज्य स्तरीय पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला आज सोमवार शाम 7:30 बजे रात्रिकालीन दूधिया रोशनी में ए. यूनियन फुटबॉल क्लब नीमच एवं नैशनल फुटबॉल क्लब महू के बीच खेला जाएगा।

विजेता टीम को 51,000 रुपये नगद एवं आकर्षक ट्रॉफी तथा उपविजेता टीम को 31,000 रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर, डिफेंडर, मिडफील्डर एवं स्ट्राइकर को भी पुरस्कृत किया जाएगा।

जाम खुर्द पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत जल्द पहुंचेगा नल से जल

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महू। महू विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जामखुर्द के अंतर्गत आने वाले छोटीजाम, माधवपुरा एवं खच्चरलेन गांवों में जल जीवन मिशन के तहत शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की जाएगी। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही जल समस्या से राहत मिलेगी।

भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इन गांवों में चौरलडेम से जल की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सुश्री उषा ठाकुर के नेतृत्व में पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल में स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।

पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश यादव के साथ पीएचई विभाग के एसडीओ सुभाष चंद्र गावंडे ने किया। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि इंदरसिंह डावर, लक्ष्मण डावर, प्रकाश नायक, पिंटू बोरासी, महेश डावर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए जल्द जल आपूर्ति प्रारंभ होने की उम्मीद जताई।

पीथमपुर सेक्टर-1 में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, करीब 500 लोगों ने कराई जांच

रंगीला प्रदेश, जीवन डोडिया।
पीथमपुर। सेक्टर-1 में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, करीब 500 लोगों ने कराई जांचस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं जरूरतमंदों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीथमपुर सेक्टर-1 स्थित विवान मेडिकल एंड क्लीनिक पर रविवार को एक वृहद निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें करीब 500 लोगों ने विभिन्न प्रकार की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कराई।

शिविर में इंदौर से आए प्रतिष्ठित एमबीबीएस, एमएस, डीएनबी (गोल्ड मेडलिस्ट) डॉ राजश्री गुप्ता सहित अन्य चिकित्सकों की टीम ने अपनी सेवाएं दीं। डॉक्टरों द्वारा मरीजों की सामान्य जांच के साथ-साथ ब्लड प्रेशर, शुगर, थायराइड सहित अन्य आवश्यक परीक्षण निःशुल्क किए गए। साथ ही गंभीर बीमारियों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर मरीजों को उचित परामर्श एवं आगे के उपचार के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

शिविर में महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष देखभाल की गई। आयोजक विक्रम मुजाल्दा ने बताया कि कई लोग समय एवं आर्थिक कारणों से नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते हैं, ऐसे में यह शिविर उनके लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण एवं मजदूर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

स्थानीय नागरिकों ने विवान मेडिकल टीम के विक्रम मुजाल्दा, शीतल हिरोदे, कमल डावर, अंकित साहू, बसंत बड़े एवं इंदौर से आए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। कई लाभार्थियों ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर निःशुल्क जांच एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिलना सराहनीय पहल है।

देपालपुर पुलिस ने 40 पेटी अवैध बीयर जब्त की, ब्रेजा कार सहित दो आरोपी गिरफ्तार

देपालपुर। अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत देपालपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ब्रेजा कार से 40 पेटी माउंट बीयर जब्त करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई शराब और वाहन की कुल कीमत करीब 6 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है।

पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रुपेश कुमार द्विवेदी एवं एसडीओपी संघ प्रिय स्मार्ट के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रणजीत सिंह बघेल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ब्रेजा कार में अवैध शराब इंदौर से देपालपुर की ओर लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फोर्स एवं राहगीर पंचानों की मदद से घेराबंदी कर ब्रेजा कार क्रमांक MP04 CV 5237 को पकड़ा। तलाशी के दौरान कार से 40 पेटी माउंट बीयर (कुल 480 बल्क लीटर) बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 44 हजार रुपये है। वहीं कार की कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई।

पुलिस ने मौके से राहुल पिता कैलाश दयाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी बडोली होज थाना देपालपुर जिला इंदौर तथा महेश पिता सोहन सिंह केवट, उम्र 27 वर्ष, निवासी सिंगावदा थाना हातोद जिला इंदौर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रविंद्र सिंह सगर, प्रधान आरक्षक 71 राधेश्याम गावड, आरक्षक 2277 अमित सिंह, आरक्षक 3865 यादवेंद्र सिंह, आरक्षक 2236 दीपेंद्र, सैनिक 370 दीपक यादव एवं चालक सैनिक 383 ओमप्रकाश का सराहनीय योगदान रहा।

सड़क निर्माण की आड़ में निजी भूमि पर तकनीकी अराजकता, किसान के खेत में रातों-रात अवैध पाइपलाइन

लोक निर्माण विभाग की निगरानी विफल, ठेकेदार की मनमानी से किसान की जमीन पर अवैध हस्तक्षेप

रंगीला प्रदेश, देपालपुर जीवन डोडिया। तहसील में तकनीकी नियमों, विधिक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक मानकों को ताक पर रखकर निजी भूमि पर अवैध पाइपलाइन बिछाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम चटवाड़ा, तहसील देपालपुर किसान दशरथ प्रजापत पिता तुलसीराम प्रजापत ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार सुरेश कुमार माली के विरुद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 32 के अंतर्गत तहसीलदार धर्मेंद्र चौकसे को विधिवत शिकायत आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि ग्राम चटवाड़ा से नेवरी रोड निर्माण परियोजना के दौरान दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात्रि को बिना किसी शासकीय आदेश, बिना प्रशासनिक स्वीकृति, बिना तकनीकी अनुमति, बिना भूमि सीमांकन, बिना अधिग्रहण प्रक्रिया, बिना पूर्व सूचना तथा बिना भूमि स्वामी की सहमति के उसकी निजी कृषि भूमि में जबरन पानी की पाइपलाइन डाल दी गई। शिकायत के अनुसार दशरथ प्रजापत की स्वामित्व एवं आधिपत्य की कृषि भूमि सर्वे नंबर 257/2/2, रकबा 0.380 हेक्टेयर, ग्राम चटवाड़ा, तहसील देपालपुर में स्थित है, जिस पर वह विधिपूर्वक काबिज होकर वर्षों से कृषि कार्य करता आ रहा है, किंतु ठेकेदार द्वारा की गई इस अवैध कार्रवाई से उसकी लगभग 5 से 7 बिसवा भूमि नाले में समाहित होने की स्थिति बन गई है, जिससे खेत में जलभराव, भूमि की उर्वरता समाप्त होने, फसल सड़ने तथा दीर्घकालिक कृषि क्षति की गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है। तकनीकी दृष्टि से यह कार्य पूर्णतः नियमविरुद्ध माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी सड़क निर्माण परियोजना में भूमि सीमांकन, राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक अनुमोदन, ड्रॉइंग अप्रूवल, साइट सुपरविजन और प्रभावित भूमि स्वामियों को विधिवत नोटिस जैसी प्रक्रियाएं अनिवार्य होती हैं, जिन्हें पूरी तरह दरकिनार करते हुए रातों-रात निजी भूमि में पाइपलाइन डालना न केवल तकनीकी अपराध की श्रेणी में आता है, बल्कि यह प्रशासनिक अराजकता और विभागीय निगरानी तंत्र की विफलता को भी उजागर करता है। यह प्रकरण केवल एक ठेकेदार की मनमानी तक सीमित नहीं है, बल्कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली, साइट निरीक्षण व्यवस्था और परियोजना पर्यवेक्षण प्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है कि बिना सीमांकन निजी भूमि में निर्माण कैसे हुआ, बिना स्वीकृति यह कार्य किसके निर्देश पर किया गया, तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट कहां है और परियोजना अभिलेखों में भूमि उपयोग की स्वीकृति दर्ज क्यों नहीं है। शिकायतकर्ता किसान ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी भूमि में डाली गई अवैध पाइपलाइन को तत्काल हटाया जाए, भूमि की पूर्व स्थिति बहाल की जाए, दोषी ठेकेदार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की आड़ में किसानों के भूमि अधिकारों की अनदेखी, तकनीकी नियमों की उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जो शासन-प्रशासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और विधिक व्यवस्था की वास्तविक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

सांसद कविता पाटीदार ने संसद में उठाया नर्मदा के संवर्धन एवं एकीकृत विकास नीति का मुद्दा

महू। राज्यसभा सांसद डॉ कविता पाटीदार ने संसद में नर्मदा नदी के संरक्षण, संवर्धन एवं एकीकृत विकास नीति का ज्वलंत मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की जीवनदायिनी है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था व विश्वास का केंद्र भी है।

सांसद कविता पाटीदार ने नर्मदा के स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल स्वरूप को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह नदी अमरकंटक से अलीराजपुर तक प्रदेश के 15 जिलों से होकर गुजरती है। इन सभी जिलों में नर्मदा तट पर सुंदर एवं सुव्यवस्थित घाटों का निर्माण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु नर्मदा परिक्रमा करते हैं। उनकी आस्था को ध्यान में रखते हुए घाटों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए नारी सशक्तिकरण की तर्ज पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

सांसद ने साबरमती रिवर्सन की तर्ज पर नर्मदा के लिए भी एकीकृत विकास नीति लागू करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि 15 जिलों में रिवर्सन व्यवस्था के माध्यम से गंदा पानी सीधे नर्मदा में न पहुंचे। प्रत्येक जिले में वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएं, ताकि नर्मदा का जल स्वच्छ और अविरल बना रहे।

नर्मदा के विकास को लेकर उठाए गए इस मुद्दे पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष आर्य रामलाल प्रजापति, पूर्व संभागीय कार्यालय मंत्री विष्णु प्रसाद शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि एडवोकेट मोहन सिंह रघुवंशी, मंडल अध्यक्ष मुकेश पाटीदार, महामंत्री किशोर पाटीदार, नगर महामंत्री पूनम चन्द केथवास, जीतमल वर्मा, विजय कविश्वर, जितेन्द्र पाटीदार, सरपंच रवि पाटीदार, सचिन पाटीदार, गजेन्द्र पाटीदार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सांसद कविता पाटीदार को बधाई प्रेषित की।