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महिलाओ को जल प्रबंधन में सहभागी बनाना बेहतर विकल्प : हाइड्रोलॉजिस्ट मुकेश कुमार चौहान

विश्व जल दिवस पर द इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियर्स का आयोजन

इंदौर। द इंस्टिट्यूट ऑफ इंजिनियर्स द्वारा 22 मार्च रविवार को विश्व जल दिवस के मौके पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें “वॉटर एंड जेंडर” विषय पर जल विशेषज्ञों द्वारा अपने विचार रखे गए। अमर विलास होटल में आयोजित इस सेमिनार में जल संचय सहित जल जीवन मिशन और जल संधारण संबंधी कई विषयों पर आने वाले भविष्य में गंभीरता से किये जाने वाले कार्यो पर प्रकाश डाला।

इंदौर में जल संसाधन और संचय को लेकर कई तकनीकी कार्यो में सहभागी रहे मुख्य वक्ता हाइड्रोलॉजिस्ट मुकेश कुमार चौहान ने बताया कि 1993 मे united Nations ने प्रस्ताव पास कीया कि विश्व जल दिवस 22 मार्च को बनाया जायेगा। इसमें भारत द्वारा 1988 मे शुरू किया गया जल संसाधन दिवस मनाने का निर्णय खासा कारगर रहा। पानी स्वय ही आव्यश्यक्ता अनुसार अपन gender बदलता हैं। पानी के धरती पर उपस्थिति के अनुभाग से शुरू करते हुए उन्होंने भारत की वार्षिक वर्षा जो कि 4 हज़ार km क्यूब हैं, इनमे से 1123 km क्यूब का ही हम प्रति वर्ष उपयोग कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि 2050 में हमें इससे लगभग तीन गुना पानी की आव्यश्यक्ता होगी। इसके लिए सबसे बड़ा उपाय यह हैं कि हम अभी से पानी को लेकर योजनाएँ बनाए और इन पर गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि जहाँ जल बहता हैं वहाँ जेंडर एक्विलिटी स्वत: ही बढ़ती हैं। जल प्रबंधन में महिलाओ का सीधा जुड़ाव रहता हैं, इसमें इन्हे जितना सहभागी बनाएंगे उतना जल संसाधन बेहतर होगा।

इंजीनियर अनिल खंडेलवाल ने बताया कि विश्व जल दिवस को लेकर unaited नेशन द्वारा बनाए गए सस्टेनेबल गोल मे से पाँचवा और छटा गोल जल को लेकर बनाया गया हैं। लोकल बात करने पर इंदौर मालवा क्षेत्र मे आता हैं, जहाँ जल को लेकर 1970 तक अधिक समस्या नही थी, लेकिन विश्व के कई स्थानों पर यह समस्या बड़ी हैं। ईरान अमेरिका युध्द क्षेत्र मे भी वर्तमान मे यह समस्या बड़ी हैं और अभी विकराल रूप ले रही हैं। इनके डिसएनिमेशन प्लांट पर हमला होने पर यह समस्या सीमा के बाहर हो जायेगी। इंदौर में 1970 के बाद जल समस्या ने सर उठाया हैं, इसके पहले यह समस्या को कोई जानता ही नही था। जल का उपयोग अभी जिस दिशा में जा रहा हैं वह चिंताजनक हैं, इस समस्या पर अब योजना बध्द तरीके से आगे बढ़ना होगा।


प्रोफेसर सुनील के. सोमानी ने बताया कि वर्तमान में सभी स्थानों पर लीकेज नियात्रंण पर कार्य जारी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तकनीकी नवाचार को सामाजिक सहभागिता की आव्यश्यक्त होती हैं, तभी वह प्रायोगिक रूप से वस्विकता के धरातल पर आ पाता हैं। इंदौर के वासीयों की एक खासियत हैं कि अगर एक बार कोई मार्गदर्शन मिल जाए तो वे स्वयं ही उस पर दृढ़ता से चलने लगते हैं, बस हमे अब इसी तासीर का फायदा उठाकर जय संचय और नियात्रंण पर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जल केवल संसाधन या वस्तु नहीं हैं, यह हमारा जीवन और इससे जुड़ा काफी महत्व पूर्ण फैक्टर हैं।

इस आयोजन में प्रोफेसर शिल्पा त्रिपाठी, इंजीनियर अतुल सेठ सहित शहर के कई गणमान्य व्यक्ति व तकनीकी विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन रेखा पारुलकर द्वारा किया गया साथ ही अंत में प्रोफेसर सुनील कुमार अहिरवार द्वारा सभी वक्ताओ और अतिथियों का आभार माना।

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हर्षोल्लास के साथ कल मनाई जाएगी ईद, चांद दिखने के बाद मुस्लिम इलाकों में दिखी खुशी

महू। शहर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद का पर्व 21 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। शहर काजी मो. जाबिर साहब ने जानकारी देते हुए बताया कि ईदगाह पर सुबह 8ः45 बजे ईद की मुख्य नमाज अदा की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होंगे।
ईद के पर्व को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। शुक्रवार शाम चांद दिखाई देने के बाद मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी, वहीं कई स्थानों पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया।
ईद के मद्देनजर बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है। लोग नए कपड़े, सेवइयां और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी में जुटे हुए हैं। वहीं प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की गई हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। शहर काजी मो. जाबिर साहब ने सभी लोगों से ईद को भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है।

महू में 22 मार्च को होगा रामोत्सव अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

महू। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर महू शहर में भव्य रामोत्सव अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22 मार्च 2026, रविवार को रात्रि 8:00 बजे कनाट रोड चौराहा पर आयोजित होगा।

कार्यक्रम संयोजक एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन युवा राष्ट्र संगठन के तत्वाधान में किया जा रहा है। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

इस अवसर पर जयपुर (राजस्थान) के अशोक चारण, इंदौर के मुकेश मोलवा, भोपाल के दीपक शुक्ला “दनादन”, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) की प्रीति पांडे, राजस्थान के राजेश “लोटपोट” सहित अन्य कवि मंच साझा करेंगे। कार्यक्रम के सूत्रधार राष्ट्रीय कवि राकेश दांगी रहेंगे, वहीं कार्यक्रम की संरक्षक पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक उषा ठाकुर होंगी।

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काउंसलिंग से बचा बिखरता परिवार, महिला थाना धार की पहल से पति-पत्नी में हुआ समझौता

धार। महिला पुलिस थाना धार द्वारा लगातार बिखरते परिवारों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में महिला थाना पुलिस की समझाइश से एक परिवार टूटने से बच गया और पति-पत्नी के बीच आपसी सुलह हो गई।

पुलिस उप महानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (उत्तर) पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक आनंद तिवारी ने महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के साथ ही पति-पत्नी के मामूली पारिवारिक विवादों को काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाने के निर्देश दिए हैं।

इसी क्रम में महिला थाना धार में एक महिला (परिवर्तित नाम रेखा) ने शिकायत आवेदन देकर बताया कि उसकी शादी करीब पांच वर्ष पहले समाज के रीति-रिवाज से हुई थी और उनका एक तीन साल का बेटा भी है। महिला का आरोप था कि उसका पति अक्सर झगड़ा करता है, चरित्र शंका कर मारपीट करता है और सास-ससुर भी छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान करते हुए गाली-गलौच करते हैं। महिला ने यह भी बताया कि विवाद के बाद उसे घर से भगा दिया गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला थाना प्रभारी ने शिकायत की जांच उप निरीक्षक रामसिंह गौर को सौंपी और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद महिला पुलिस टीम ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धार की सदस्य लेखा शर्मा की उपस्थिति में दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। इस दौरान दोनों परिवारों को रिश्तों के महत्व के बारे में समझाया गया और साथ रहकर जीवन बिताने के लिए प्रेरित किया गया।

समझाइश के बाद पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति बन गई। पति ने आश्वासन दिया कि वह भविष्य में पत्नी के साथ किसी प्रकार का विवाद, गाली-गलौच या मारपीट नहीं करेगा और उसे सम्मान के साथ रखेगा। महिला पुलिस थाना धार का कहना है कि टूटते रिश्तों को बचाने के लिए इस तरह की काउंसलिंग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। कार्रवाई में निरीक्षक क्लेर डामोर, उप निरीक्षक रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतन कटारे, प्रधान आरक्षक सीता अलावा, आरक्षक राकेश देवल और महिला सैनिक पूजा कटारे की विशेष भूमिका रही।

जिला ग्रामीण के तीन थानों में बदले टीआई


महू। मानपुर में हाल ही में पकड़ी गई जुए की फड़ के मामले में कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। यांगचेन डोलकर भूटिया ने मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हीहोर सहित एक एसआई और एक एएसआई को लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
इस कार्रवाई के दो दिन बाद एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने नए आदेश जारी करते हुए इंदौर रक्षित केंद्र में पदस्थ महेंद्र मकाश्रे को आगामी आदेश तक मानपुर थाने में अस्थाई तौर पर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है।
इसके साथ ही विभागीय स्तर पर अन्य थानों में भी बदलाव किए गए हैं। किशनगंज थाना प्रभारी कुलदीप खत्री को सिमरोल थाने में पदस्थ किया गया है, जबकि सिमरोल थाना प्रभारी अमित कुमार को किशनगंज थाने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल को हाल ही में सामने आए मामले के बाद प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के बदलाव से थानों की कार्यप्रणाली में सुधार और कानून व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, इस वर्ष पालकी पर आएंगी मां दुर्गा और हाथी पर होगा प्रस्थान

महू / इंदौर। चैत्र नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा पालकी (डोली) पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आगमन करेंगी, जबकि नवरात्रि के समापन पर माता का प्रस्थान हाथी पर होगा। संतों के अनुसार यह वर्ष शुरुआत में कुछ चुनौतियां तो दिखाता है, लेकिन अंत में सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा के संकेत देता है। यह जानकारी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री सिद्ध बाबा श्यामगिरि सवाई मठ परिवार दिल्ली दरबार के इंदौर मालवा मंडल के श्री महंत आनंद गिरी जी महाराज (बाप जी) ने उज्जैनी पंचांग के आधार पर दी।

चैत्र नवरात्रि से हुई थी सृष्टि की शुरुआत

महाराज जी ने बताया कि ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसी दिन से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है। बाद में सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में इसी तिथि से नए संवत्सर की गणना शुरू की, जिसे आज विक्रम संवत के रूप में जाना जाता है। इसी कारण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम का जन्म भी चैत्र नवरात्रि के दौरान ही हुआ था।

महाराज जी के अनुसार इस वर्ष 19 मार्च को गुरुवार होने के कारण माता पालकी पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिष शास्त्र में पालकी की सवारी को बहुत शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे देश-दुनिया में महामारी, राजनीतिक अस्थिरता या प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि 2026 में शनि और राहु के गोचर के बीच पालकी पर माता का आगमन लोगों को स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत देता है। हालांकि भक्तों के लिए माता की भक्ति सदैव कल्याणकारी रहती है। वहीं नवरात्रि की नवमी इस वर्ष शुक्रवार को पड़ रही है, इसलिए माता का प्रस्थान हाथी पर होगा, जिसे अत्यधिक वर्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

तीन शुभ योग में शुरू होगी नवरात्रि

  • शुक्ल योग – 19 मार्च प्रात:काल से रात 1:17 बजे तक
  • ब्रह्म योग – 19 मार्च रात 1:17 बजे से 20 मार्च तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग – 20 मार्च सुबह 4:05 से 6:25 बजे तक

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

उज्जैनी पंचांग के अनुसार घट स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बन रहे हैं –

  • सुबह 6:53 से 7:56 बजे तक चौघड़िया मुहूर्त
  • दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक अभिजीत मुहूर्त

इसके साथ ही दोपहर 12:26 से 12:53 बजे तक लाभ चौघड़िया का समय भी अत्यंत शुभ माना गया है।

नौ दिनों में मां के नौ स्वरूपों की पूजा

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है।
पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नवमी के दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। संतों के अनुसार नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का महापर्व है, जिसमें मां दुर्गा की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

750 वोल्ट करंट से झुलसा रेल कर्मचारी, मेंटेनेंस के दौरान बड़ा हादसा


कम स्टाफ में कराया जा रहा जोखिमपूर्ण काम, प्रशासनिक लापरवाही पर भड़के कर्मचारी

रतलाम / डॉ. अंबेडकर नगर (महू)। मालवा एक्सप्रेस के कोच मेंटेनेंस के दौरान इलेक्ट्रिक पावर विभाग का एक कर्मचारी 750 वोल्ट के करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद उसे तत्काल महू के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया। घटना ने रेलवे के इलेक्ट्रिक विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार 11 मार्च की रात मालवा एक्सप्रेस के कोच मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कार्य कर रहे कर्मचारी निप्पू कुमार अचानक 750 वोल्ट के करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनका बायां हाथ बुरी तरह झुलस गया और नसें तक क्षतिग्रस्त हो गईं। साथी कर्मचारियों और सुपरवाइजरों ने तुरंत उन्हें महू के गेटवेल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर रेफर किया गया। रात करीब 9 बजे से उनका उपचार शुरू हुआ। डॉक्टरों के अनुसार हाथ में गहरा घाव है और पूरी तरह पहले जैसा ठीक होना मुश्किल हो सकता है।

डीआरएम ने जताई नाराजगी

घटना के बाद रतलाम मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान ही फोन पर सीनियर डीईई (पॉवर) लेफ्टिनेंट धर्मेंद्र कुमार प्रजापति पर नाराजगी जताई और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए।

13 कर्मचारियों का काम, मौके पर केवल 5–6

हादसे के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि 750 वोल्ट लाइन पर कोच मेंटेनेंस जैसे जोखिमपूर्ण कार्य के लिए कम से कम 13 कर्मचारियों की जरूरत होती है, लेकिन मौके पर केवल 5 से 6 कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इससे कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ रहा है और सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी हो रही है।

कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार प्रशिक्षुओं को भी काम में लगा दिया जाता है, जबकि उनका उद्देश्य केवल प्रशिक्षण लेना होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।

तकनीकी कर्मचारियों से कराई जा रही बाबूगिरी

मामले के बाद यह मुद्दा भी फिर उठने लगा है कि फील्ड में स्टाफ की भारी कमी के बावजूद कई तकनीकी कर्मचारियों को मंडल कार्यालय में बाबूगिरी में लगा रखा है। बताया जा रहा है कि कुछ कर्मचारियों को अधिकारियों की मर्जी से फील्ड के कठिन कार्यों से दूर रखा गया है, जबकि बाकी कर्मचारियों से कम स्टाफ में ही जोखिमपूर्ण काम कराया जा रहा है।

चेंबर में बैठकर नहीं समझा जा सकता फील्ड का दर्द

कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि जब फील्ड में कर्मचारी कम संसाधनों और भारी जोखिम के साथ काम कर रहे हैं, तब वरिष्ठ अधिकारी चेंबर में बैठकर फील्ड की वास्तविक स्थिति का आकलन नहीं कर सकते। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना चाहिए, ताकि सुरक्षा और कार्य व्यवस्था में सुधार हो सके।

राजस्व विभाग की कार्रवाई, रोयल रिसोर्ट और एक गोड़ाउन को किया सील

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महू। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में बकाया राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन सक्रिय है। इसी क्रम में बड़गोंदा तहसील टप्पा के ग्राम चौरड़िया में रोयल रिसोर्ट और ग्राम कोदरिया में रामचंद्र पिता सिद्धार्थनाथ के गोदाम को डायवर्शन शुल्क बकाया होने के चलते सील किया गया। यह कार्रवाई बड़गोंदा नायब तहसीलदार राधा वल्लभ धाकड़ के नेतृत्व में राजस्व अमले द्वारा की गई।

राजस्व अमला मौके पर मौजूद।

बताया गया है कि रोयल रिसोर्ट की 17,730 रूपए की टेक्स राशि बकाया है, जबकि रामचंद्र पिता सिद्धार्थनाथ के गोदाम की 63,967 की राशि बकाया है। राजस्व विभाग द्वारा कई बार नोटिस और सूचना देने के बावजूद संबंधित पक्ष द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए रिसोर्ट और गोदाम को सील करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़ सहित क्षेत्रिए पटवारी व राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा।