महू। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के बीच भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा गुरुवार शाम को पूरे धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी यात्रा का शुभारंभ गोपाल मंदिर से हुआ। शाम 6 बजे भगवान जगन्नाथ की महाआरती के पश्चात भगवान को सुसज्जित रथ पर विराजित कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति भाव से रथ की रस्सियां खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
रथयात्रा में बैंड-बाजों की मधुर धुन, ऊंट-घोड़ों की आकर्षक मौजूदगी और भक्ति गीतों की गूंज ने पूरे यात्रा मार्ग को भक्तिमय बना दिया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने सहभागिता निभाई। श्रद्धालु पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ नृत्य करते और भजन गाते हुए आगे बढ़ते रहे।
इस वर्ष रथयात्रा में खाटू श्याम बाबा की मनमोहक झांकी शमिल रही। वहीं भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों एवं मुख्य बाजारों से होकर निकली, जहां विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने भगवान जगन्नाथ की आरती उतारकर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। नगर भ्रमण के बाद रथयात्रा पुनः गोपाल मंदिर पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यात्रा का समापन हुआ।
निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
महू। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) महू इकाई ने गुरुवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर में भोपाल से सामने आए कथित दुष्कर्म प्रकरण के विरोध में एनएसयूआई का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। इस दौरान परिषद कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी के अनुसार, हाल ही में एनएसयूआई के भोपाल जिला महासचिव सुभाष यादव पर संगठन में कार्यरत एक जनजातीय छात्रा कार्यकर्ता के साथ दुष्कर्म का आरोप सामने आया है। इस घटना के विरोध में महू इकाई ने प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। मालवा प्रांत सह मंत्री कामाक्षा गौड़ ने कहा कि छात्र संगठनों में कार्य करने वाली छात्राओं की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में पीड़िता को प्रताड़ित किया गया तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
एबीवीपी ने कहा कि छात्र हितों और छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर संगठन हमेशा मुखर रहा है तथा दोषियों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी के विरुद्ध कठोर दंड की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। पुतला दहन कार्यक्रम में एबीवीपी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
डिस्ट्रिक्ट अवार्ड सेरेमनी में सेवा कार्यों का मिला सम्मान, सदस्यों में उत्साह
महू। रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3040 की ओर से वर्ष 2025-26 में विभिन्न रोटरी क्लबों द्वारा किए गए सेवा कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर आयोजित वार्षिक डिस्ट्रिक्ट अवार्ड सेरेमनी में रोटरी क्लब ऑफ महू कैंट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 पुरस्कार और ट्रॉफियां अपने नाम कीं। यह समारोह इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट 3040 के सभी क्लबों ने भाग लिया।
रोटरी क्लब ऑफ महू कैंट की ओर से वर्ष 2025-26 के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार पाटीदार ने डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन सुशील कुमार मल्होत्रा, प्रथम लेडी रोटेरियन रूबी मल्होत्रा, डीजीएन एवं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी रोटेरियन सुखदेव सिंह गुम्मन, वर्ष 2026-27 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन संस्कार कोठारी, धीरेन्द्र दत्ता एवं मनोज चांडक से पुरस्कार एवं ट्रॉफियां प्राप्त कीं।
क्लब की इस उपलब्धि पर सचिव रोटेरियन अंबर सोनी सहित क्लब के सभी पदाधिकारियों, डायरेक्टरों एवं सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी। साथ ही महू के गणमान्य नागरिकों ने भी रोटरी क्लब ऑफ महू कैंट की पूरी टीम को सेवा कार्यों के लिए मिले इस सम्मान पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। यह उपलब्धि रोटरी क्लब ऑफ महू कैंट द्वारा वर्षभर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।
पीथमपुर (धार)। शासन स्तर पर राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण और किसानों को त्वरित न्याय दिलाने के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर उनकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। धार जिले की पीथमपुर तहसील का एक मामला प्रशासनिक उदासीनता और आदेशों के पालन में शिथिलता की तस्वीर पेश कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, राजस्व प्रकरण क्रमांक 0003/अ-70/2024-25 में आवेदक मकबूल पिता सुलेमान पटेल, निवासी ग्राम धन्नड़खुर्द, तहसील पीथमपुर, जिला धार द्वारा ग्राम धन्नड़खुर्द स्थित सर्वे नंबर 15/1 एवं 15/2, रकबा 0.831-0.831 हेक्टेयर भूमि के संबंध में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 250 के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस आवेदन पर न्यायालय में प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की गई तथा आगामी पेशी 9 जून 2025 निर्धारित की गई थी।
मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के लगभग एक वर्ष बाद भी आदेश का प्रभावी पालन नहीं कराया जा सका है। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब न्यायालय का आदेश ही जमीन पर लागू नहीं हो पा रहा है, तब आम नागरिकों को समय पर न्याय कैसे मिलेगा।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना समय-समय पर राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने तथा न्यायालयीन आदेशों के पालन के निर्देश जारी कर चुके हैं। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी किसानों और आमजन से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान पर लगातार जोर देते रहे हैं।
इसके बावजूद आवेदक का आरोप है कि पीथमपुर एसडीएम अंकिता प्रजापत, तहसीलदार शिवानी श्रीवास्तव तथा संबंधित पटवारी राजीव तोमर के स्तर पर न्यायालयीन आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आवेदक अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था का मूल उद्देश्य केवल आदेश पारित करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध और प्रभावी पालन सुनिश्चित करना भी है। यदि न्यायालय के आदेश महीनों और वर्षों तक अमल में नहीं आते, तो इससे शासन की जवाबदेही, राजस्व तंत्र की कार्यकुशलता तथा आम नागरिकों के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब शासन और जिला प्रशासन लगातार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं, तब संबंधित अधिकारियों के स्तर पर आदेशों के पालन में देरी क्यों हो रही है? क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय कर लापरवाही के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, या फिर आवेदक को न्याय के लिए लंबे समय तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर ही लगाने पड़ेंगे?
फिलहाल इस पूरे मामले ने पीथमपुर के राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। यदि न्यायालयीन आदेशों का समय पर पालन नहीं होता, तो राजस्व न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
सांवेर। श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट के कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं ने मुकाता स्थित श्री कृष्ण नर्सरी का शैक्षणिक भ्रमण कर आधुनिक नर्सरी प्रबंधन एवं उन्नत कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह भ्रमण प्रो. डॉ. किशोर मुठाळ, डॉ. बाबासाहेब वाळुंजकर एवं डॉ. शीतल शिंदे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पौधों की ग्राफ्टिंग, कलम तैयार करना, कोकोपीट ट्रे में पौध तैयार करने की तकनीक, पौध संरक्षण एवं देखभाल की आधुनिक विधियों की जानकारी प्राप्त की। प्रो. डॉ. किशोर मुठाळ ने सहजन की फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं उनके प्रभावी नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था द्वारा संचालित श्री कृष्ण नर्सरी के अध्यक्ष अजय शर्मा, उपाध्यक्ष गोरधन सिंह पंवार एवं सचिव नरेंद्र सिंह पंवार ने विद्यार्थियों को नर्सरी संचालन, पौध उत्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
इसके बाद छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने उन्नत कृषक हरिओम ठाकुर एवं गोपाल पंवार के खेतों का भ्रमण कर दुर्लभ औषधीय फसल अकरकरा की खेती, उत्पादन तकनीक एवं उसके व्यावसायिक महत्व की जानकारी हासिल की। नर्सरी में तैयार की जा रही आम एवं जामुन की थाई प्रजातियों ने विद्यार्थियों को विशेष रूप से आकर्षित किया। सभी ने छोटे से ग्राम मुकाता में विकसित आधुनिक नर्सरी की सराहना करते हुए इसे कृषि शिक्षा, नवाचार और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
400 केवी परियोजना में मुआवजे में भेदभाव का आरोप, किसानों ने एसडीएम हरिशंकर विश्वकर्मा को सौंपा ज्ञापन
रिपोर्टर कुंदन करड़वाल
सांवेर। 400 केवी सिंगल सर्किट रूणिजा (बड़नगर)-इंदौर पारेषण लाइन परियोजना को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को भारतीय किसान संघ, जिला इंदौर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के बाद नवागत एसडीएम हरिशंकर विश्वकर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिए बिना उनकी भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों ने आरोप लगाया कि परियोजना का निर्माण कर रही रीन्यू ऊर्जा संचार प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मुआवजा वितरण में भेदभाव किया जा रहा है। कई किसानों की कृषि भूमि पर टॉवर फाउंडेशन, खुदाई और अन्य निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि अनेक प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि यह पारेषण लाइन विद्युत अधिनियम-2003 एवं भारतीय तार अधिनियम-1885 के तहत बनाई जा रही है। परियोजना की लाइन सांवेर तहसील के कछालिया, अजनोद, तराना, दर्जीकराड़िया, शहाना, मालीखेड़ी, हातुनिया, पटवाखेड़ी सहित कई गांवों की राजस्व सीमाओं से होकर गुजर रही है।
किसानों का कहना है कि कंपनी के अधिकारी 5 मई 2026 को तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इंदौर द्वारा जारी आदेश का हवाला देकर किसानों पर निर्माण कार्य में सहयोग करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि उसी आदेश में स्पष्ट रूप से प्रभावित किसानों का सत्यापन कर उन्हें नियमानुसार मुआवजा देने तथा संबंधित तहसीलदार को मुआवजा वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से सभी प्रभावित किसानों का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराने, पात्र किसानों को समान एवं नियमानुसार मुआवजा देने, मुआवजा वितरण में कथित भेदभाव की निष्पक्ष जांच कराने, भुगतान से पहले जबरन निर्माण कार्य नहीं कराने तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है।ज्ञापन सौंपने के बाद एसडीएम हरिशंकर विश्वकर्मा ने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
ठीकरी में कथित सट्टा-जुआ कारोबार पर उठे गंभीर सवाल, पुलिस व्यवस्था कठघरे में
रंगीला प्रदेश। जीवन डोडिया 9926084685 बड़वानी। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार अवैध गतिविधियों, नशे के कारोबार और अपराध पर सख्ती के लगातार दावे कर रही है। दूसरी ओर बड़वानी जिले के ठीकरी नगर से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ठीकरी के पुराने बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय के सामने एक दो मंजिला मकान के तलघर में लंबे समय से खुलेआम अवैध सट्टा और जुए का कारोबार संचालित हो रहा है।
बताया जा रहा है कि इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और यह वीडियो प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना, इंदौर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा बड़वानी पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर और एसडीओपी महेश सुनैया तक भी पहुंच चुका है। वीडियो में कथित रूप से बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और अवैध गतिविधियां दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद यदि अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, तो यह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार थाना प्रभारी ठीकरी नाथु सिंह रणदा की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वायरल वीडियो वास्तव में वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या वीडियो की जांच की गई? क्या संबंधित थाना प्रभारी से जवाब-तलब किया गया? क्या अवैध कारोबार पर छापामार कार्रवाई हुई? यदि नहीं, तो आखिर इसकी वजह क्या है? मामला केवल एक थाना क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरी पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही का है। जब सरकार अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है, तब इस तरह के आरोप कानून व्यवस्था की साख पर सीधा सवाल खड़ा करते हैं।
आबकारी विभाग ने स्कूल में आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने संवाद के जरिए बताए नशे के दुष्प्रभाव
इंदौर। नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 जनजागरूकता अभियान के तहत बुधवार को आबकारी विभाग द्वारा प्रूडेंशियल किड्स हायर सेकेंडरी स्कूल, निपानिया में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी देवेश चतुर्वेदी (कंट्रोलर), ए.के. माथुर, राघवेंद्र सिंह कुशवाहा, आकांक्षा गर्ग, आबकारी उपनिरीक्षक आकाश मेश्राम तथा वैशाली भगत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ए.के. माथुर का विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा। उन्होंने सरल एवं प्रभावशाली उदाहरणों के माध्यम से नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों की जानकारी दी तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूर रहने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए, जिससे कार्यक्रम सहभागितापूर्ण बना।
इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी देवेश चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए नशे से जुड़ी भ्रांतियों को दूर किया और युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों, विद्यालय परिवार और विद्यार्थियों ने स्वयं नशा नहीं करने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशामुक्त जीवन के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और समाज में जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
महू। सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में जिलेभर में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार को आबकारी विभाग की टीम ने महू-इंदौर मार्ग पर वाहन जांच के दौरान एक दोपहिया वाहन से अवैध मदिरा जब्त कर कार्रवाई की।
आबकारी वृत्त महू (अ) के प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने महू-इंदौर मार्ग पर चेकिंग पॉइंट लगाकर वाहनों की जांच की। इस दौरान संदेह के आधार पर एमपी-09-एनजे-2320 क्रमांक की मोटरसाइकिल की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से अवैध मदिरा बरामद होने पर शराब एवं मोटरसाइकिल दोनों को जब्त कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
महू। ग्राम पंचायत कोदरिया में शासकीय भूमि पर टीनशेड की दुकान बनाकर अवैध शराब बेचे जाने के मामले में सोमवार को राजस्व विभाग ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, कोदरिया के मलेंड़ी मार्ग स्थित गंगा जलिया क्षेत्र में शासकीय भूमि पर टीनशेड की दुकान बनाकर अवैध शराब बेची जा रही थी। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत को की थी। शिकायत की जांच के बाद ग्राम पंचायत ने महू एसडीएम को पत्र भेजकर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने एवं कार्रवाई की मांग की थी।
एसडीएम के निर्देश पर सोमवार को राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से टीनशेड की दुकान हटाकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़, पंचायत सचिव दयाशंकर आर्य, संबंधित पटवारी सहित पंचायत एवं राजस्व विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।