महू। महू में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित एक क्लिनिक पर छापामार कार्रवाई करते हुए मौके से प्रतिबंधित दवाएं, इंजेक्शन और सर्जिकल उपकरण जब्त किए। आरोप है कि स्वयं को डॉक्टर बताने वाली एक महिला नर्स बिना अधिकृत डिग्री के क्लिनिक चला रही थी। पूछताछ के दौरान महिला कोई वैध डिग्री या संचालन अनुमति प्रस्तुत नहीं कर पाई। बीएमओ की शिकायत पर महू पुलिस ने महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
बीएमओ योगेश सिंगारे के अनुसार सूचना मिली थी कि सात रास्ता स्थित काली माता मंदिर के पीछे एक अवैध क्लिनिक संचालित हो रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस को साथ लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिन्हित मकान पर दबिश दी। जांच के दौरान महिला आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। तलाशी में प्रतिबंधित दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए। मामला सामने आने के बाद एसडीएम राकेश परमार ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस ने रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम 1997 की धारा 8, मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक अधिनियम की धारा 24 एवं बीएनएस की धारा 271 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
कार्रवाई के दौरान बिगड़ी तबीयत
पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित महिला की तबीयत महू थाने पर अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से देर रात उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि महिला हृदय रोग से पीड़ित है।
झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्ती के निर्देश
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते मकड़जाल को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। कई कथित क्लिनिकों पर मरीजों को भर्ती कर सलाईन सहित अन्य उपचार दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। हालिया कार्रवाई के बाद एसडीएम राकेश परमार ने बीएमओ योगेश सिंगारे को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अवैध क्लिनिकों की जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

