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हनीट्रैप कांड के बाद रेम्बो फार्म एंड रिसोर्ट सील, संचालक पर केस दर्ज

महू। हनीट्रैप कांड के खुलासे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए रेम्बो फार्म एंड रिसोर्ट को सील कर दिया है। शुक्रवार को एसडीएम राकेश परमार ने नायब तहसीलदार राधा वल्लभ धाकड़, क्षेत्रीय पटवारी और आरआई के साथ मौके पर पहुंचकर रिसोर्ट का निरीक्षण किया और कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।

उल्लेखनीय है कि पठानकोट में पदस्थ सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी, जो एमसीटी क्वार्टर निवासी हैं, के साथ रेम्बो फार्म हाउस एवं रिसोर्ट में हनीट्रैप की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी महिला भावना, साधना गुप्ता और विजय तिलवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

निरीक्षण के बाद एसडीएम द्वारा कार्रवाई संबंधी प्रतिवेदन बडगोंदा पुलिस को सौंपा गया। जांच में यह सामने आया कि रिसोर्ट संचालक द्वारा आने वाले व्यक्तियों की विधिवत एंट्री नहीं की जा रही थी और आवश्यक जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। इस पर बड़गोंदा पुलिस ने रिसोर्ट संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

खेलो इंडिया अस्मिता लीग में महू की भव्या जाधव का जलवा, किकबॉक्सिंग में जीता कांस्य पदक

महू। चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया अस्मिता महिला लीग राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में इंदौर जिले की महू तहसील की खिलाड़ी भव्या जाधव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया है। इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

प्रतियोगिता में देश के चारों ज़ोन — पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से करीब 250 खिलाड़ियों ने भाग लिया। पश्चिम ज़ोन की ओर से, जिसमें मध्य प्रदेश शामिल है, एमेच्योर स्पोर्ट्स किकबॉक्सिंग एसोसिएशन मध्य प्रदेश के माध्यम से महू तहसील की तीन बालिकाओं भव्या जाधव, मीनू वर्मा और ज़ैनब ने भागीदारी की। इनमें भव्या जाधव ने अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। इस उपलब्धि पर उन्हें 8000 की नकद पुरस्कार राशि से भी सम्मानित किया गया।

भव्या की इस सफलता पर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद एवं महासचिव अशुतोष ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं कोच अभिषेक सिंह राठौर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रही भव्या का नील रुचि इंस्टीट्यूट मार्शल आर्ट्स अकादमी में संस्थापक नीलिमा तिवारी, रुचि रामारिया एवं स्टाफ द्वारा स्वागत कर सम्मान किया गया। खिलाड़ी की इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया जा रहा है।

देपालपुर–सांवेर मार्ग पर दरारों का जाल, 78 करोड़ की सीसी सड़क दोबारा मरम्मत के बाद भी जर्जर

ग्रामीणों में आक्रोश; एमपीआरडीसी पर गुणवत्ता और निगरानी में लापरवाही के आरोप

देपालपुर। देपालपुर से सांवेर को जोड़ने वाला लगभग 40 किमी लंबा प्रमुख मार्ग इन दिनों गंभीर तकनीकी खामियों और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बन गया है। करीब 78.66 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 34.8 किमी के सीमेंट कांक्रीट (सीसी) रोड में बनेडिया से अटाहेड़ा तक लगभग 12 किमी हिस्से में जगह-जगह चौड़ी दरारें उभर आई हैं। सड़क की सतह पर आई इन क्रैक लाइनों के कारण दोपहिया वाहन चालक लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, वहीं चारपहिया वाहन चालकों को भी आमने-सामने आने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

2018 में हुआ था भूमि पूजन, अब गुणवत्ता पर सवाल

इस मार्ग का भूमि पूजन वर्ष 2018 में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष एवं सांसद सुमित्रा महाजन तथा क्षेत्रीय विधायक मनोज पटेल द्वारा किया गया था। इसके बाद एमपीआरडीसी (मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम) के तहत सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। करोड़ों की लागत से तैयार यह सीसी रोड क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जा रही थी, किंतु निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

तकनीकी खामियां: जॉइंट फेल्योर और सबग्रेड की कमजोरी?

स्थानीय जानकारों और ग्रामीणों के अनुसार सड़क की सीसी स्लैब में आए क्रैक्स यह संकेत दे रहे हैं कि या तो विस्तार-जॉइंट की तकनीकी मानकों के अनुरूप योजना नहीं बनाई गई या फिर सबग्रेड (नींव) की समुचित कॉम्पेक्शन नहीं की गई। परिणामस्वरूप तापमान परिवर्तन और भारी वाहनों के दबाव से स्लैब में दरारें विकसित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते संरचनात्मक ऑडिट नहीं कराया गया तो यह मार्ग और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकता है।

दो बार मरम्मत, फिर भी जस की तस स्थिति

एमपीआरडीसी द्वारा अब तक दो बार दरारों की मरम्मत का दावा किया गया, किंतु स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं दिख रहा। कई स्थानों पर सीमेंट की बजाय केवल गिट्टी डालकर अस्थायी ‘लिपापोती’ की गई, जो दो माह के भीतर ही उखड़ गई। खिमलावदा मार्ग से जैन मंदिर तक एक किमी के दायरे में भी सड़क की सतह उखड़ने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मरम्मत कार्य तकनीकी मानकों के विपरीत और बिना दीर्घकालिक समाधान के किया गया।

इंजीनियर पर गंभीर आरोप

एमपीआरडीसी के इंजीनियर नवीन भगत पर ग्रामीणों ने लापरवाही और भ्रामक आश्वासन देने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से “जल्द डामरीकरण कार्य शुरू होगा” का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। विगत माह मार्गों को दुरुस्त करने के लिए लगाए गए बैनर भी अब औपचारिकता भर साबित हो रहे हैं।

दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा

दरारों से बचने के प्रयास में वाहन चालक कई बार विपरीत दिशा में मुड़ जाते हैं, जिससे आमने-सामने टकराव की आशंका बनी रहती है। दोपहिया वाहन सवार विशेष रूप से जोखिम में हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार छोटी-मोटी दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।

जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विधायक मनोज पटेल और सांसद शंकर लालवानी ने अब तक सड़क की मरम्मत को लेकर ठोस पहल नहीं की। गांव के सरपंच प्रतिनिधि बाबूलाल पटेल, पूर्व सरपंच धर्मराज पटेल, पूनमचंद पटेल, महेंद्र पटेल, जमील पटेल, असलम पटेल, प्रकाश पटेल और बलराम पटेल सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क की शीघ्र उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए, निर्माण गुणवत्ता की जांच हो और यदि ठेकेदार या संबंधित अधिकारी दोषी पाए जाएं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थायी समाधान के तहत संपूर्ण क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण किया जाए।

भीषण गर्मी का असर: उजालिया के पास गंभीर नदी सूखने की कगार पर, जलसंकट के संकेत

देपालपुर। क्षेत्र से लगभग 15 किलोमीटर दूर उजालिया गांव के पास बहने वाली जीवनरेखा मानी जाने वाली गंभीर नदी इन दिनों भीषण गर्मी की मार झेल रही है। हालत यह है कि नदी में अब केवल कुछ गड्ढों (गढ़ों) में ही पानी बचा है, जबकि अधिकांश हिस्सा पूरी तरह सूख चुका है। मार्च के अंतिम सप्ताह में ही ऐसी स्थिति सामने आना आने वाले महीनों में गंभीर जलसंकट के संकेत दे रहा है।

लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण नदी की सतत जलधारा टूटने लगी है। पुलिया के सामने स्थित घाट, जो सालभर पानी में डूबा रहता था, अब पूरी तरह नजर आने लगा है। नदी तल की चट्टानें भी उजागर हो गई हैं, जिससे जलस्तर में आई भारी गिरावट साफ दिखाई दे रही है।

स्टॉप डैम बेअसर, नहीं ठहर पा रहा पानी
नदी के विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण के लिए बनाए गए स्टॉप डैम इस समय खुले होने के कारण पानी सीमित स्थानों पर ही रुक पा रहा है। जल प्रवाह बाधित होने से नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में नदी पूरी तरह सूखने की आशंका है।

भूजल स्तर गिरा, पंप होने लगे बंद
खडोतिया और बानियां खेड़ी गांव के किसान लखन सिंह दरबार (पटेल) और गोकुल सिंह पवार ने बताया कि नदी में पानी रहने से आसपास के कुएं और बोरिंग रिचार्ज होते थे, जिससे गर्मी में भी पानी की उपलब्धता बनी रहती थी। लेकिन अब नदी के सूखने से भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। कई बोरिंग और पंप बंद हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल संरक्षण के ठोस उपाय किए जाएं और स्टॉप डैम का समुचित प्रबंधन किया जाए, ताकि शेष जल को बचाया जा सके। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा सकता है।

वृंदावन गांव की तर्ज पर विकसित होगा बनेडिया, सीईओ ने किया निरीक्षण

देपालपुर। ग्राम पंचायत बनेडिया को वृंदावन गांव के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत देपालपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पूजा मालाकार सैनी ने गुरुवार को गांव का दौरा कर प्रस्तावित विकास कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सीईओ ने वृंदावन गांव की अवधारणा के तहत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े तालाब की पाल पर घाट निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सके।

इसके अलावा जैन मंदिर के सामने बनी पानी की टंकी का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाउंड्रीवाल निर्माण के निर्देश भी दिए। सीईओ पूजा मालाकार सैनी ने बताया कि वृंदावन गांव योजना के तहत शासन की गाइडलाइन के अनुसार चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे ग्राम बनेडिया को एक आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बनेडिया के सचिव योगेश शर्मा सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

जंगल में बकरी चरा रहे बुजुर्ग पर तेंदुए का हमला, साहस दिखाकर बचाई जान

महू। महू वन परिक्षेत्र के कुलशगढ़ के डमाली कस्बा निवासी एक बुजुर्ग पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना गुरुवार शाम करीब 6ः30 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है, जब 65 वर्षीय अर्जुन गावड़ जंगल में बकरियां चरा रहे थे।

घायल अर्जुन के मुताबिक वह पेड़ के नीचे डंडा लेकर खड़े थे, तभी अचानक पीछे से तेंदुए ने झपट्टा मार दिया। हमले से वह जमीन पर गिर पड़े, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने डंडे से तेंदुए पर लगातार दो वार किए। जवाबी हमले से घबराकर तेंदुआ मौके से भाग गया। इस हमले में अर्जुन का बायां कंधा तेंदुए के पंजों से घायल हो गया और खून बहने लगा। घटना के बाद अर्जुन ने अपने पुत्र राजेश को फोन कर जानकारी दी। सूचना मिलते ही राजेश ग्रामीणों के साथ जंगल पहुंचा और घायल पिता को घर लेकर आया। बताया जाता है कि घटना के दौरान अर्जुन की बकरियां डरकर जंगल से भागते हुए सीधे घर पहुंच गईं, जिससे तेंदुआ किसी बकरी का शिकार भी नहीं कर सका।

अगले दिन मिली वन विभाग को सूचना
घटना की जानकारी वन विभाग को शुक्रवार सुबह मिली। इसके बाद विभाग ने घायल अर्जुन को उपचार के लिए महू के मध्य भारत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। वन विभाग द्वारा तत्काल सहायता के रूप में अर्जुन को 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

महू में हनीट्रैप का सनसनीखेज मामला, दो युवतियों व एक युवक पर केस दर्ज, भेजा जेल, एक और पीड़ित आया सामने, पुलिस जांच में जुटी

महू। थाना बडगोंदा क्षेत्र के एक फार्म हाउस से हनीट्रैप का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें इंदौर की दो युवतियों और एक युवक ने मिलकर पूर्व सैन्य अधिकारी को षड्यंत्र पूर्वक फंसाकर उससे दो लाख रुपये की मांग की। बुधवार देर रात मामला बड़गोंदा थाने पहुंचा जहां पुलिस ने सैन्य अधिकारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गुरुवार को तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले के मुताबिक सेना के एक रिटार्यड अधिकारी, निवासी एमसीटी क्वार्टर महू, जो वर्तमान में (डीएससी) पठानकोट में पदस्थ हैं और छुट्टी पर घर आए हुए थे। पिछले तीन-चार दिनों से इंदौर निवासी भावना लगातार मोबाइल पर संपर्क कर रही थी और मिलने का दबाव बना रही थी। युवती ने अफसर को बातों में फसा लिया, मिलने का स्थान कैलोद रोड़ स्थित रेम्बो रिसोर्ट में तय हो गया। गुरुवार शाम के लिए अधिकारी ने कमरा बुक कराया। फिर भावना और अधिकारी की मुलाकात महू के हरिफाटक पर हुई यहां से दोनों रिसोर्ट साथ पहुंचे। रिसोर्ट में कुछ देर रुकने के दौरान महिला लगातार फोन और व्हाट्सएप पर किसी से संपर्क में थी। इसके बाद जैसे ही वह अधिकारी के करीब आई तभी अचानक बाहर से दरवाजा बंद कर दिया गया। थोड़ी देर बाद दरवाजा खुला तो बाहर एक महिला और एक युवक खड़े थे, जिन्होंने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए सैन्य अधिकारी को पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। उक्त लोगों ने खुद को साधना गुप्ता और विजय तिलवारी बताया और अधिकारी से कहा कि यदि वह दो लाख रुपये नहीं देगा तो उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराएंगे। रिटार्यट सैन्य अधिकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया, जिसके जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया। इसके बाद सैन्य अधिकारी ने सीधे थाने पर सूचना दी जहां पहुंची पुलिस चारो को थाने ले आई। मामले में बड़गोंदा पुलिस ने भावना, साधना गुप्ता और विजय तिलवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले को हनीट्रैप से जोड़कर देखा जा रहा है।

एक अन्य पीडित भी पहुंचा
थाना प्रभारी के मुताबिक मामला हनीट्रैप से जुड़ा है, इस मामले के खुलासे के बाद इंदौर निवासी युवक राजकुमार भी थाने पहुंचा है, जिसने आरोप लगाए कि इस गिरोह ने मुझे भी इसी तरह से फांस कर 22 हजार रूपए नकद और 5 हजार रूपए ऑनलाइन वसूले है। घटना इंदौर 78 की होकर बुधवार 2 अप्रैल की बताई गई है। पुलिस आशंका जता रही है कि इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते है। इधर पुलिस ने मामला सामने आने के बाद उक्त रिसोर्ट को भी सील कर दिया है, साथ ही रिसोर्ट संचालक द्वारा उक्त कमरा बुकिंग की जानकारी थाने में नहीं देने के मामले में संचालक के विरुद्ध धारा 223 भारतीय न्याय संहिता अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है।

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पीथमपुर में आज और कल “भिखारी ठाकुर स्मृति समारोह”

दो दिवसीय आयोजन में व्याख्यान, गायन और नाट्य प्रस्तुतियां होंगी

पीथमपुर (धार)। मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के अंतर्गत संचालित भोजपुरी साहित्य अकादमी द्वारा 30 एवं 31 मार्च 2026 को जयनगर कॉलोनी स्थित संगम गार्डन कम्युनिटी हॉल में शाम 7 बजे से “भिखारी ठाकुर स्मृति समारोह” का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम दो दिवसीय होगा, जिसमें भोजपुरी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति से जुड़ी विविध प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
अकादमी के निदेशक अमित कुमार यादव द्वारा कलेक्टर, जिला धार को भेजे गए पत्र के अनुसार समारोह में भोजपुरी के जननायक भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर आधारित व्याख्यान, लोकगीत गायन और नाट्य प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य भोजपुरी भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति और लोक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना है।
अकादमी की ओर से आमंत्रित कलाकारों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। वहीं कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला प्रशासन से स्थल आरक्षण, साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही समन्वय के लिए जिला प्रशासन से एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आग्रह भी किया गया है, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके। आयोजन में स्थानीय स्तर पर हर्ष परिहार को समनवयक तथा प्रदीप द्विवेदी को संयोजक नियुक्त किया गया है।
यह दो दिवसीय समारोह क्षेत्र में भोजपुरी संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम को लेकर उत्तर भारतीय समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में प्रवेश सभी के लिए निशुल्क रहेगा।

बड़गोंदा पुलिस की कार्रवाई: 2.65 किलो गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

महू। थाना बड़गोंदा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 650 ग्राम गांजा एवं एक रायल इनफिल्ड मोटरसाइकिल जब्त की है।

पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति रायल इनफिल्ड (क्रमांक MP09XH9003) से नखेरी डेम से बड़गोंदा की ओर अवैध रूप से गांजा लेकर आ रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने नखेरी डेम तिराहे पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

पकड़े गए आरोपियों में पवन पिता जोरावर डावर (41 वर्ष) एवं संतोष पिता नरसिंह डावर (32 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम घोड़ा खुर्द, थाना बड़गोंदा, जिला इंदौर शामिल हैं। तलाशी लेने पर उनके पास से एक झोले में तीन प्लास्टिक की थैलियों में रखा कुल 2.65 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग 26 हजार रुपए आंकी गई है।

पुलिस ने गांजा के साथ ही करीब 2.50 लाख रुपए कीमत की मोटरसाइकिल भी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 98/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रकाश वास्कले के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल चाकरे, स.उ.नि. मुन्नालाल यादव, प्रधान आरक्षक मुकेश नागर, योगेश रघुवंशी, पंकज ओझा, आरक्षक रवि राजावत, मुलायम एवं कैलाश की सराहनीय भूमिका रही।