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जिसका डर था वही हुआ, ग्रामीणों को फिर मिली काले पानी की सजा

चिप्स कारखानों का दूषित पानी नदी-नालों में पहुंचा, फैलने लगी घातक दुर्गंध

महू। जिस आशंका को लेकर ग्रामीण वर्षों से चेतावनी देते आ रहे थे, वही स्थिति एक बार फिर विकराल रूप लेती नजर आ रही है। कोदरिया-चौरड़िया क्षेत्र में संचालित आलू चिप्स कारखानों से निकलने वाला काला दूषित पानी नालों के माध्यम से अब क्षेत्रीय आकाश गंगा सरोवर नदी में पहुंचने लगा है। इसके बाद से कई गांव असहनीय दुर्गंध की चपेट में आना शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों की सुबह अब शुद्ध हवा के बजाय सड़ांध, जी मचलाने और घबराहट की शिकायतों के साथ हो रही है।

ग्राम नेउगुराड़िया सहित आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि कुछ लोगों के आर्थिक लाभ के लिए हजारों ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, सिरदर्द और उल्टी जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि दूषित पानी की सड़न से वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। अगर जिम्मेदारों ने जल्द सुध नहीं ली तो गुजरखेड़ा, किशनगंज भी बूरी तहर से दूषित पानी व असहनीय दुर्गंध की चपेट में आ जाएंगे।

महज कागजों में सिमट गए नियम
कारखानों को संचालन की अनुमति नहीं है, बावजूद 100 से अधिक कारखाने कोदरिया, चौरड़िया व इससे जुड़े इलाको में अस्थाई रूप से चल रहे है। लेकिन कहीं भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है, ना ही ईटीपी प्लांट (इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था है और ना ही म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का पालन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मनाही के बावजूद कारखाना संचालकों ने दूषित पानी को क्षेत्रीय नालो में बहाकर सीधे तौर पर प्रशासन को चुनौती दी है। इसके बावजूद संबंधित विभागों, विशेषकर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

दिखावें के गड्ढे, स्टार्च पहुंचा नालो में

शुरूआती दौर में प्रशासनीक सख्ती के चलते कारखाना संचालको ने दूषित पानी के स्टोरेज का हवाला देते हुए कारखाना परिसर में गड्ढे खोदे थे, लेकिन अब यह गड्ढे महज दिखावा साबित हो रहे है, क्योंकि आलू धुलाई और चिप्स पकाने की प्रक्रिया के दौरान निकलने वाला काला दूषित पानी और स्टार्च अब नालो तक पहुंच चुका है, यही स्टार्च नालो में एकत्रित होकर काले गाढ़े पदार्थ का रूप ले रहा है, जिसकी सड़ांध से असहनीय दुर्गंध पूरे वातावरण को दूषित कर रही है। इनता ही नहीं काले दूषित पानी ने क्षेत्रिए नलकूप में पहुंचकर उन्हें भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है, आने वाले दिनों में स्थितियां और बिगड़ेगी। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी और मॉनिटरिंग सवालो से घिरी है। 

पुरानी मांग, हर साल दोहराता संकट

मांग पुरानी है, कैसे भी दूषित पानी को नालो में बहाने से रोका जाए, स्थितियां किसी से छिपी नहीं है, हर वर्ष जांच और सैंपलिंग की औपचारिकताएं होती हैं। पिछले वर्षों की सैंपल रिपोर्ट में भी स्पष्ट हुआ है कि काला पानी और उससे उत्पन्न दुर्गंध मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ जल जीवों के लिए भी घातक है। इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती के अभाव में कारखाना संचालकों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन स्थानीय ग्रामीण अब और नहीं सहेंगे। ग्रामीण स्तर पर विरोध अंदर ही अंदर उबाल पर है और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो स्थिति उग्र हो सकती है।

विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू जातियों के सर्वे हेतु बैठक संपन्न

महू। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड महू, जिला इंदौर में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू जातियों के सर्वे कार्य को लेकर समाज के वरिष्ठ जनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रक्रिया, उद्देश्य और क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता परिषद के शासी निकाय सदस्य विनोद मोहिने ने की। इस अवसर पर जोरावर सिंह, जगन नायक, मोहनलाल पटेल, जिला समन्वयक रुतुजा पहाड़े, विकासखंड समन्वयक आरती बर्वे सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने सर्वे कार्य को गंभीरता से लेते हुए सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया।

बैठक में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन सर्वे फार्म भरने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि विकासखंड क्षेत्र में जहां-जहां विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध घुमंतू समाज के परिवार निवासरत हैं, उन्हें चिन्हित कर शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण किया जाना आवश्यक है। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं और समाज प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी विचार किया गया।

अध्यक्ष मोहिने ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए सटीक, पारदर्शी एवं पूर्ण सर्वे अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर सर्वे कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।

चंद्र ग्रहण के चलते धुलेंडी में एक दिन का अंतर, गोपाल मंदिर से निकली फाग यात्रा

महू। इस वर्ष होली का पर्व धार्मिक संयोग के चलते विशेष रहा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण धुलेंडी पर्व एक दिन आगे बढ़ा दिया गया, जिसके चलते 4 मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा। वहीं 2 मार्च की देर शाम पूरे अंचल में पारंपरिक विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ होलिका दहन संपन्न हुआ। मंदिरों और प्रमुख चौराहों पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

3 मार्च को महू शहर में गोपाल मंदिर से फाग यात्रा निकाली गई। यात्रा में श्रद्धालु ढोल-मांदल की थाप पर फाग गीत गाते हुए शामिल हुए। हालांकि धुलेंडी एक दिन आगे बढ़ने के कारण अपेक्षाकृत भीड़ कम रही, फिर भी रंग-गुलाल और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः प्रारंभ स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। जगह-जगह नागरिकों ने रंग गुलाल उड़ाकर यात्रा का स्वागत किया।

आज हर्षोल्लास से मनेगा धुलेंडी पर्व

4 मार्च को जिले भर में धुलेंडी का पर्व पूरे उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया जाएगा। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में सुबह से ही रंग-गुलाल का दौर शुरू होगा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पारंपरिक गीतों और संगीत के साथ एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाई देंगे। बाजारों में पिचकारी, गुलाल और मिठाइयों की दुकानों पर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रंगोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पुलिस प्रशासन का माकूल इंतजाम

होली और धुलेंडी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्था की गई हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। 3 मार्च को निकली फाग यात्रा के दौरान थाना प्रभारी राहुल शर्मा सहित पुलिस बल पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और तंग गलियों में लगातार गश्त की गई। धुलेंडी के दिन भी विशेष चौकसी बरकरार रहेगी। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आपसी भाईचारे और संयम के साथ पर्व मनाएं तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।

ओडीएफ प्लस गांवों में खुले में शौच, व्यवस्था पर उठे सवाल

महू। कोदरिया, चौरड़िया सहित आसपास के वे गांव, जिन्होंने ओडीएफ प्लस का दर्जा प्राप्त किया है, आज गंभीर विडंबना का सामना कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में संचालित अवैध आलू चिप्स कारखानों में कार्यरत सैकड़ों मजदूर प्रतिदिन खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इससे स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2 अक्टूबर 2019 तक अधिकांश गांवों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया था। इसके लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए। दूसरे चरण में कई ग्राम पंचायतों ने ओडीएफ प्लस का दर्जा भी हासिल किया, जिसमें महू क्षेत्र की बड़ी ग्राम पंचायत कोदरिया सहित आसपास की पंचायतें शामिल रहीं।

कारखानों में शौचालय नहीं, मजदूर खुले में जाने को मजबूर

वर्तमान में खेतों में अस्थायी रूप से संचालित अधिकांश कारखानों में मजदूरों के लिए स्थायी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। रोजाना बड़ी संख्या में बाहरी मजदूर यहां काम कर रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में वे खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। इससे न केवल स्वच्छता की स्थिति बिगड़ रही है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गांव को ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है, तो पंचायत स्तर पर स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी जिम्मेदारी है। ग्राम पंचायत की स्वच्छता समिति द्वारा ऐसे कारखाना संचालकों को नोटिस जारी कर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

जनपद स्तर पर निगरानी आवश्यक
ओडीएफ प्लस की मान्यता बनाए रखने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ शौचालय व्यवस्था और सतत निगरानी अनिवार्य है। ऐसे में जनपद पंचायत और जिला प्रशासन को संयुक्त निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो ओडीएफ प्लस का दर्जा महज कागजी उपलब्धि बनकर रह जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि कारखानों को स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाए, अन्यथा उनके संचालन पर प्रतिबंध लगाया जाए।

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रंगों से सराबोर होगा शहर अचंल – उल्लास के साथ मनाया जाएगा होलिका पर्व

रंगीला प्रदेश महू। उमंग उत्साह और उल्लास से भरा रंगों का महापर्व होली सोमवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर शहर और अंचल में सो से भी अधिक स्थानों पर रात्रि एवं मध्य रात्रि में होलिका दहन होगा। इसके पूर्व महिलाओं द्वारा होलिका पूजन कर सुख समृद्धि की कामनाएं की जाएगी। वही मंगलवार तीन मार्च को होली (धुलेंडी) पर्व के साथ रंगों की होली शहर से लेकर गांव तक विभिन्न किस्मों के रंग गुलालों से खेली जाएगी। हालांकि कुछ लोग चंद्र ग्रहण के चलते बुधवार यानी 4 मार्च को धुलेंडी मनाएंगे।

हर्षोल्लास से मनेगा होली पर्व
होली का अपना अलग ही महत्व है। इस मौके पर विभिन्न धार्मिक व सामाजिक सांस्कृतिक आयोजनों के साथ ही होलिका पूजन एवं दहन के बीच व बाद में नाथूराम की बारात, फाग मस्ती करती टोलियां व गैर के बीच भांग – ठंडाई के शौकीनों की खुमारी रंगों के इस त्यौहार का रंग पूरी तरह सतरंगी कर देती है।

हर तरफ छाया होली का माहौल
होली पर्व को लेकर बाजार सज चुके है। बडो से लेकर बच्चे तक विभिन्न प्रकार की पिचकारी, बैलून सहित रंग गुलाल की खरीदी अपने बजट के अनुरूप कर रहे है। रविवार को बाजारो में अच्छी ग्राहकी देखने को मिली। हालाकि सोमवार को और अधिक ग्राहकी का जोर बाजारों में देखते को मिलेगा। बदलते समय के साथ महंगाई की मार भी रंग गुलालो से लेकर फव्वारेदार पिचकारियों पर पड़ी है। इधर घरों में पर्व को लेकर पकवानों को तैयार करने का दौर भी शुरू हो गया। वहीं अधिकांश नौकरीपेशा लोगों ने बाजारों से नमकीन व अन्य खाद्य पदार्थों की जमकर खरीदारी की है।

गोपाल मंदिर से निकलेगी फाग यात्रा
महू में मंगलवार को धुलेंडी के मौके पर शहर के सांधी स्ट्रीट स्थित गोपाल मंदिर से भव्य फाग यात्रा निकाली जाएगी। फाग यात्रा सुबह 9.30 बजे गोपाल मंदिर से प्रारंभ होगी। यात्रा में आदिवासियों की नृत्य करती टोलिया, लाइव भजन, रंगों की पिचकारी आकर्षण का केन्द्र रहेगा। चंद्र ग्रहण के चलते इस बार गोपाल जी यात्रा में शामिल नहीं होंगे। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुनः गोपाल मंदिर पहुंचेगी।

महू थाने पर शांति समिति की बैठक सम्पन्न
रमजान और होली पर्व के मध्यनजर महू पुलिस प्रशासन ने शांति समिति की बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्य रूप से एसडीएम राकेश परमार, एसडीओपी ललीत सिकरवार, नायब तहसीलदार राधा वल्लभ धाकड़, थाना प्रभारी राहुल शर्मा सहित शहर के जनप्रतिनिधि व सामाजिक संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक को एसडीएम राकेश परमार एवं एसडीओपी सिकरवार ने संबोधित करते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार मनाने की बात कही।  

महू में अवैध क्लिनिक पर छापा, प्रतिबंधित दवाएं व उपकरण जब्त

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महू। महू में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अवैध रूप से संचालित एक क्लिनिक पर छापामार कार्रवाई करते हुए मौके से प्रतिबंधित दवाएं, इंजेक्शन और सर्जिकल उपकरण जब्त किए। आरोप है कि स्वयं को डॉक्टर बताने वाली एक महिला नर्स बिना अधिकृत डिग्री के क्लिनिक चला रही थी। पूछताछ के दौरान महिला कोई वैध डिग्री या संचालन अनुमति प्रस्तुत नहीं कर पाई। बीएमओ की शिकायत पर महू पुलिस ने महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

बीएमओ योगेश सिंगारे के अनुसार सूचना मिली थी कि सात रास्ता स्थित काली माता मंदिर के पीछे एक अवैध क्लिनिक संचालित हो रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस को साथ लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चिन्हित मकान पर दबिश दी। जांच के दौरान महिला आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। तलाशी में प्रतिबंधित दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए। मामला सामने आने के बाद एसडीएम राकेश परमार ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुलिस ने रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम 1997 की धारा 8, मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक अधिनियम की धारा 24 एवं बीएनएस की धारा 271 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

कार्रवाई के दौरान बिगड़ी तबीयत

पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित महिला की तबीयत महू थाने पर अचानक बिगड़ गई। उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से देर रात उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। बताया जा रहा है कि महिला हृदय रोग से पीड़ित है।

झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्ती के निर्देश

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते मकड़जाल को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। कई कथित क्लिनिकों पर मरीजों को भर्ती कर सलाईन सहित अन्य उपचार दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। हालिया कार्रवाई के बाद एसडीएम राकेश परमार ने बीएमओ योगेश सिंगारे को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अवैध क्लिनिकों की जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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महू में अवैध जलाऊ लकड़ी से भरा ट्रक जब्त

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महू। वन विभाग महू ने कोदरिया क्षेत्र से जलाऊ लकड़ी से भरा एक ट्रक पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है। ट्रक अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन करते हुए कोदरिया क्षेत्र में पहुंचा था, जिसे वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर जब्त कर लिया।

जानकारी के अनुसार कोदरिया क्षेत्र में संचालित आलू चिप्स कारखानों में भट्टियों के लिए जलाऊ लकड़ी की आवश्यकता होती है। लंबे समय से क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर वन विभाग की टीम ने बीती रात कार्रवाई करते हुए ट्रक को पकड़ने में सफलता हासिल की।

जब्त किए गए वाहन का क्रमांक एमपी 09 एच जी 8749 है। वाहन मालिक का नाम अरशद पिता शाहिद वारसी निवासी शाजापुर बताया गया है। मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 580/7 दिनांक 20/02/2026 के तहत अवैध जलाऊ लकड़ी परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी नैन कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को विभाग की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और जांच जारी है।

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