महू। मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भेरूघाट स्थित हनुमान मंदिर के पीछे कपड़े के एक झोले में लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। करीब 7–8 दिन की मासूम बच्ची को इस हाल में छोड़ दिया जाना समाज की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कालीकिराय निवासी मायाबाई पति नंदकिशोर मकवाना 3 जनवरी 2026 को सुबह करीब 8 बजे हनुमान मंदिर पहुंची थीं। इसी दौरान मंदिर के पीछे कपड़े के झोले में लिपटी एक नवजात बच्ची दिखाई दी। बच्ची के माता-पिता या परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

घटना की सूचना बाद में थाना मानपुर में दी गई, जिस पर पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2026 धारा 93 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। नवजात बच्ची का तत्काल मेडिकल परीक्षण सीएचसी मानपुर में कराया गया, इसके पश्चात बच्ची को संरक्षण हेतु मातृछाया विजयनगर भेजा गया।
मासूम को इस प्रकार बेसहारा छोड़ जाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी आहत करने वाला कृत्य है। पुलिस द्वारा बच्ची के माता-पिता एवं परिजनों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त हो, तो थाना मानपुर, जिला इंदौर ग्रामीण से संपर्क कर सूचना दें। यह घटना समाज को आत्ममंथन करने पर मजबूर करती है कि आखिर एक नवजीवन को इस तरह असहाय छोड़ देने की स्थिति क्यों उत्पन्न हो रही है।

