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पूर्व सरपंच के बेटे पर जमीन कब्जाने के आरोप, प्रशासन ने लिया त्वरित संज्ञान

चांदेर में विवाद गहराया, अपर कलेक्टर ने एसडीएम-तहसीलदार को पुलिस बल के साथ कब्जा दिलाने के दिए निर्देश

रंगीला प्रदेश जीवन डोडिया मोबा. 99260 84685

इन्दौर। देपालपुर तहसील के ग्राम चांदेर में पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। पूर्व सरपंच के बेटे लोकेंद्र पिता महेंद्र पटेल पर कथित रूप से रजिस्ट्री से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास, धमकी और जातिसूचक अपमान जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में शिकायतकर्ता ने न केवल थाना देपालपुर बल्कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी गुहार लगाई हैं। शिकायतकर्ता देवकरण पिता भैराजी, निवासी ग्राम चांदेर, के अनुसार उनकी पुश्तैनी भूमि सर्वे क्रमांक 31/1, रकबा 0.753 हेक्टेयर राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। उक्त सर्वे क्रमांक 31 की कुल भूमि 1.505 हेक्टेयर में से 0.752 हेक्टेयर भूमि विधिवत पंजीकृत विक्रय पत्र क्रमांक 179122024/11279152, दिनांक 25 अक्टूबर 2024 के माध्यम से लोकेंद्र पिता महेंद्र पटेल को विक्रय की गई थी। विक्रय पत्र में चतुर्दिक सीमाएं स्पष्ट रूप से अंकित हैं— उत्तर: नारायणसिंह व सोवनसिंह पिता गजराजसिंह दक्षिण: शेष पैकी रकबा पूर्व: कच्चा रास्ता, पश्चात श्रीपाल की भूमि, पश्चिम: आशा मोदी की भूमि हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंजीकृत सीमांकन के बावजूद शेष बची भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिकायत के अनुसार बीते दिनों आरोपी कथित रूप से साथियों के साथ भूमि पर पहुंचा और कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग तथा “अगर यहां आया तो खत्म कर देंगे” जैसी जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रिश्तेदारों को भी जमीन पर आने से मना कर डराया-धमकाया गया। घटना के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा घटनाक्रम देखे जाने का भी उल्लेख आवेदन में किया गया है। गुरुवार को शिकायतकर्ता ने मामले की लिखित शिकायत अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार को प्रस्तुत की। शिकायत पर अपर कलेक्टर ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देशित किया है कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार शिकायतकर्ता को वैधानिक कब्जा दिलाया जाए तथा आवश्यक होने पर पुलिस बल की सहायता ली जाए। इसके पूर्व शिकायतकर्ता द्वारा जिला कलेक्टर शिवम वर्मा की जनसुनवाई में भी आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता वर्तमान में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा क्षेत्र उज्जैन दक्षिण के छायन गांव के निवासी हैं। ऐसे में मामला प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है। ग्राम स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित व्यक्ति पर पूर्व में भी अन्य ग्रामीणों की जमीनों पर कब्जे के प्रयास के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामला फिलहाल जांचाधीन है। प्रशासनिक निर्देशों के बाद अब राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई पर नजर टिकी है। यदि शिकायत में वर्णित तथ्यों की पुष्टि होती है, तो यह प्रकरण अवैध कब्जा, आपराधिक धमकी एवं अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मामला बन सकता है।

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