जीवन डोडिया | 9926084685
धामनोद। राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे गणपति घाट क्षेत्र में कथित रूप से पेट्रोल-डीजल चोरी और अवैध भंडारण का खेल बेखौफ अंदाज में संचालित होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। श्री सालासर बालाजी होटल के पीछे चद्दरों से ढंके अस्थायी गोदामों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ रखे जाने की बातें क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घाट से गुजरने वाले टैंकरों से पेट्रोल और डीजल निकालकर आसपास बनाए गए अस्थायी ठिकानों पर जमा किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ रखा जा रहा है, वहां न तो सुरक्षा मानकों का पालन दिखाई देता है और न ही अग्निशमन जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं मौजूद हैं। चद्दरों से ढंके इन गोदामों के आसपास आबादी होने से लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि यदि यहां किसी दिन मामूली चिंगारी भी भड़क गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
हाल ही में देवास जिले की पटाखा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे का उदाहरण देते हुए क्षेत्रवासी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन सुरक्षा को लेकर बड़े दावे जरूर करते हैं, लेकिन जमीन पर हालात अलग नजर आते हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह कथित कारोबार लंबे समय से चल रहा है। ऐसे में यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या स्थानीय पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानकर भी अनदेखा किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आम आदमी अतिरिक्त पेट्रोल रखने पर कार्रवाई का सामना कर सकता है, तो कथित रूप से बड़े पैमाने पर हो रहे इस अवैध भंडारण पर अब तक सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए।
क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि गणपति घाट क्षेत्र में पुलिस, पेट्रोलियम विभाग, राजस्व अमले और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम द्वारा तत्काल जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही कथित गोदामों की जांच कर सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए समय रहते कार्रवाई करता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच के आदेश देकर औपचारिकता निभाई जाएगी।

