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देपालपुर। तहसील क्षेत्र में शराब खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब शराब दुकानों पर न तो ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जा सकेंगे और न ही नियम विरुद्ध कम कीमत पर बिक्री की जा सकेगी। आबकारी विभाग ने देपालपुर तहसील की सभी मदिरा दुकानों पर पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के उद्देश्य से क्यूआर कोड व्यवस्था लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत शराब की वास्तविक दर सूची देख सकेंगे। इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में आबकारी एडीईओ गोपाल यादव एवं देपालपुर आबकारी उपनिरीक्षक भगवानदास अहिरवार की सक्रिय मॉनिटरिंग और सख्त प्रशासनिक कार्यशैली की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। दोनों अधिकारियों ने पूरी टीम के साथ तहसील की दुकानों पर पहुंचकर व्यवस्था को धरातल पर उतारा, जिससे विभागीय कार्रवाई का असर तुरंत दिखाई देने लगा है।
शिकायतों के बाद बढ़ाई गई सख्ती
आबकारी विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्थानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जा रही है। कहीं एमआरपी से ज्यादा पैसे लिए जा रहे थे, तो कहीं प्रतिस्पर्धा के नाम पर न्यूनतम तय मूल्य यानी एमएसपी से कम पर शराब बेची जा रही थी। इससे शासन को राजस्व हानि के साथ उपभोक्ताओं के हित भी प्रभावित हो रहे थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने देपालपुर तहसील में सख्त कदम उठाया और अब हर दुकान पर ई-आबकारी पोर्टल से जारी क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
मोबाइल स्कैन करते ही खुलेगी पूरी रेट लिस्ट
अब ग्राहक जैसे ही दुकान पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेगा, उसके मोबाइल पर जिले की पूरी अधिकृत रेट लिस्ट खुल जाएगी। इससे ग्राहक तुरंत यह जान सकेगा कि दुकानदार सही दाम ले रहा है या नहीं। यह व्यवस्था शराब बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा का भी मजबूत माध्यम बनेगी।
गोपाल यादव और भगवानदास अहिरवार की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय
देपालपुर तहसील में इस अभियान को प्रभावी रूप से लागू कराने में एडीईओ गोपाल यादव की प्रशासनिक पकड़ और लगातार मॉनिटरिंग निर्णायक साबित हुई है। वहीं आबकारी उपनिरीक्षक भगवानदास अहिरवार ने मैदानी स्तर पर टीम के साथ दुकानों का निरीक्षण कर व्यवस्था को लागू कराया। अधिकारियों की सजगता से दुकानदारों में अनुशासन दिखाई देने लगा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमित निरीक्षण और निगरानी जारी रही तो शराब दुकानों पर होने वाली अनियमितताओं पर स्थायी रोक लग सकेगी।
टीम ने किया संयुक्त अभियान
क्यूआर कोड लगाने और दुकानों पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए विभागीय टीम में आरक्षक रवि बघेल, सावन सिसोदिया, राशि सोलट सहित अन्य कर्मचारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। पूरी टीम ने देपालपुर तहसील की दुकानों पर पहुंचकर व्यवस्था को अमल में लाया।
गलत दाम वसूले तो होगी कड़ी कार्रवाई
आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई दुकानदार एमआरपी से अधिक या एमएसपी से कम दर पर शराब बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उपभोक्ताओं में संतोष, विभाग की पहल का स्वागत
देपालपुर तहसील में लागू हुई इस नई व्यवस्था का आम उपभोक्ताओं ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें दाम पूछने या ठगे जाने की चिंता नहीं रहेगी। मोबाइल से रेट देखकर ही खरीदारी की जा सकेगी। कुल मिलाकर देपालपुर तहसील में आबकारी विभाग की यह पहल न केवल पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि एडीईओ गोपाल यादव और उपनिरीक्षक भगवानदास अहिरवार जैसे जिम्मेदार अधिकारियों की सजग कार्यशैली का उदाहरण भी बन गई है।
