Home Blog Page 7

मेमोरियल फुटबॉल कप का खिताब नैशनल फुटबॉल क्लब महू ने किया अपने नाम

महू। मप्र फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा अधिकृत इंदौर जिला फुटबॉल संघ (एडहॉक कमेटी) के तत्वावधान में आयोजित हाजी काना कप्तान एवं स्व. भीम दादा मेमोरियल कप 2025 फुटबॉल प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला हाई स्कूल स्टेडियम ग्राउंड महू में खेला गया। खिताबी मुकाबला न्यू एकेडमी फुटबॉल क्लब महू एवं नैशनल फुटबॉल क्लब महू के मध्य खेला गया।

फाइनल मैच बेहद रोमांचक रहा। निर्धारित 90 मिनट के खेल में दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर कई आक्रमण किए, परंतु कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद मैच का निर्णय पेनल्टी शूटआउट से लिया गया, जिसमें नैशनल फुटबॉल क्लब महू ने 5-4 से मुकाबला जीतकर खिताबी ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि विक्रम अवॉर्ड से सम्मानित अनिल मेहता (तहसीलदार राऊ) रहे। विशेष अतिथियों में शैलेश गिरजे (प्रदेश उपाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा), महेश यादव (मंडल अध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि), विपुल जैन (पूर्व नगर अध्यक्ष युवा मोर्चा), अशोक शुक्ला (प्राचार्य) तथा सलीम शेख (सेवानिवृत्त प्राचार्य आईटीआई मानपुर) उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रख्यात फुटबॉलर हाजी काना कप्तान के परिवार से पधारे मकसूद खान एवं मो हाफिज का अतिथियों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

अतिथियों का स्वागत इंदौर जिला फुटबॉल संघ के चेयरमैन जगदीशचंद खोड़े, कन्वीनर अशोक पिल्ले सहित संघ के सदस्यों सुरेश डामोर, शरद सिलावट, राकेश सिरसिया, नीरज शर्मा, अमित शुक्ला, ओपी बाथम, दीपक भंवर, यशवंत कौशल, प्रवीण कांबले, सुरेश पाल, शिवम शर्मा, पहलाद परदेशी आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन अमित शुक्ला ने किया तथा आभार नीरज शर्मा ने व्यक्त किया। अतिथियों द्वारा विजेता टीम को नगद 11000 रु, उपविजेता टीम को नगद 7000 रु प्रदान किए गए। साथ ही दोनों टीमों को आकर्षक ट्रॉफी एवं सभी खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अतिथि सलीम शेख द्वारा प्रतियोगिता में सर्वाधिक 05 गोल करने वाले बेस्ट स्कोरर प्रियांशु चोपड़ा (नैशनल फुटबॉल क्लब महू) को नगद 5000 रु देकर सम्मानित किया गया। वहीं बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार शरद कश्यप को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में मैच कमिश्नर प्रवीण कांबले रहे। मैच ऑफिशियल्स की भूमिका में शिव चौहान, शरद सिलावट, शिवम नंदराज, मनोज मोरने, गोलू वसुनिया, आकाश पिल्ले एवं विशाल स्वामी ने सराहनीय योगदान दिया।

यातायात पुलिस द्वारा विशेष चेकिंग अभियान, उपनगरीय बसों पर की गई कार्रवाई

0

महू। पुलिस अधीक्षक इंदौर (ग्रामीण) यांगचेन डोलकर भुटिया के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश द्विवेदी तथा डीएसपी यातायात नितिन सिंह के मार्गदर्शन में सार्वजनिक यातायात को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को यातायात पुलिस द्वारा किशनगंज थाने के सामने विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान उपनगरीय बसों के बीमा, फिटनेस, परमिट, पीयूसी, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही वाहनों में प्रयुक्त प्रेशर हॉर्न की भी जांच की गई एवं ड्राइवर और कंडक्टर की वर्दी भी चेक की गई। चेकिंग के दौरान जहां-जहां दस्तावेजों में कमी पाई गई अथवा वर्दी नहीं पहनी गई थी, वहां मौके पर ही नियमानुसार कार्यवाही की गई। इस दौरान कुल 13 वाहनों के चालान बनाए गए। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
फोटो 01 – उपनगरीय बस की चेकिंग करते हुए।

E-PAPER

0

ग्राम बाल्दा फार्म में मंदिर की जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर ग्रामीण पहुंचे जनसुनवाई में

0

महू। ग्राम बाल्दा फार्म स्थित सार्वजनिक हनुमान मंदिर की जमीन पर पिछले सप्ताह से जारी कब्जे के मामले को लेकर ग्राम पंचायत सिमरोल के ग्रामीण व पंच इंदौर कलेक्टर शिवम् वर्मा की जनसुनवाई में पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को विस्तारपूर्वक पूरा प्रकरण बताया और अविलंब कार्यवाही की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।

ग्राम सिमरोल के स्थाई निवासी व भाजपा नेता पवन पाटीदार ने बताया कि बाल्दा फार्म निवासी श्यामाबाई पति शैलेन्द्र द्वारा पहले मंदिर परिसर के पास मवेशी बांधने की शुरुआत की गई। इसके बाद धीरे-धीरे गोबर व कचरा डालकर अतिक्रमण को बढ़ाया गया। इतना ही नहीं, ग्राम पंचायत का फर्जी हस्ताक्षर युक्त प्रमाणपत्र भी बनवाया गया, जिसकी शिकायत सिमरोल थाने में दर्ज कराई गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के आसपास की खाली पड़ी जमीन पर धार्मिक व सामाजिक आयोजन होते हैं। अतिक्रमण बढ़ने से इन आयोजनों में बाधा उत्पन्न हो रही है और स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण सभी ग्रामीणों ने एकमत होकर कलेक्टर से जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं होती है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

E-PAPER

0

E-PEPAR

0

E-PEPAR

0

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सा.वि.वि. महू का 7वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, राज्यपाल ने 16 शोधार्थियों को प्रदान की पीएच.डी. उपाधि

महू। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपनों का भारत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के मूल मंत्र को याद दिलाते हुए कहा कि बाबा साहब के जीवन-संघर्ष और विचार आज भी युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

राज्यपाल बुधवार को डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. अम्बेडकर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। संविधान दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थितजनों के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन भी किया।

अपने उद्बोधन में राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी सामाजिक न्याय के दूत हैं। उन्हें जीवनभर सामाजिक न्याय, समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता बनाए रखने की अपील की।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू, डॉ. अम्बेडकर की जन्मभूमि होने के कारण यह विश्वविद्यालय सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया और सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर किए जा रहे शोध कार्यों की सराहना की।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शोध कार्यों को जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने की सलाह दी।

समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 16 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि प्रदान की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में कुलगुरु रामलाल अत्राम ने स्वागत उद्बोधन दिया और विद्यार्थियों को उपाधि शपथ दिलाई। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी अपने विचार साझा किए। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, संकाय सदस्य, विद्यार्थी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

दूध व्यापारी से 2 लाख की लूट का पुलिस ने 24 घंटे में किया खुलासा, ड्राइवर-हेल्पर ही निकले मास्टरमाइंड

मानपुर। ग्राम खेडीसिहोद में दूध व्यापारी के साथ हुई लूट की घटना का मानपुर पुलिस ने महज 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि व्यापारी के साथ रोजाना काम करने वाला उसका ड्राइवर और हेल्पर ही इस वारदात के मास्टरमाइंड निकले। पुलिस ने कुल छह आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अब भी फरार हैं।

घटना 19 नवंबर की रात की है, जब दूध व्यापारी कमल सिंह रघुवंशी अपने ड्राइवर आवेश खान और हेल्पर समीर शाह के साथ दूध बिक्री की राशि लेकर खेडी सिहोद लौट रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे चौनपुरा मोड़ के पास चार बदमाशों ने उनकी पिकअप रोक ली और कमल सिंह पर चाकू से हमला कर उनसे करीब दो लाख रुपये लूट लिए। व्यापारी ने घटना की रिपोर्ट मानपुर थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गंभीरता से विवेचना शुरू की।

पूछताछ के दौरान ड्राइवर व हेल्पर के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे थे, जिससे पुलिस को उन पर संदेह हुआ। कड़े सवालों के बीच दोनों टूट गए और स्वीकार किया कि उन्होंने ही अपने परिचित विनय डावर, संजय चंदेल, रामलाल उर्फ रामू भाभर और भूरा उर्फ भरत चौहान के साथ मिलकर पूरी वारदात की योजना बनाई थी। दोनों ने व्यापारी के पास मौजूद नकदी की जानकारी अपने साथियों को दी और पहले से तय जगह पर पिकअप रोककर लूट करवाने की व्यवस्था की।

पुलिस ने ड्राइवर आवेश खान, हेल्पर समीर शाह, विनय डावर और संजय चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि भूरा उर्फ भरत चौहान और रामलाल उर्फ राजूू भाभर फरार हैं। जांच में यह भी सामने आया कि विनय डावर और संजय चंदेल पर बड़गोंदा थाने के पातालपानी में मोबाइल लूट का मुकदमा दर्ज है। जबकि भूरा उर्फ भरत चौहान व रामलाल उर्फ रामू भी विनय डावर के साथ बडगोंदा थाने के दो लुट के मामले में आरोपी है। जबकि संजय चंदेल पर मानपुर में चोरी और मारपीट के प्रकरण पंजीबद्ध हैं।

गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिससे लूटी गई रकम, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, चाकू और पिकअप की चाबी की बरामदगी की जा सके। पुलिस टीम में थाना प्रभारी लोकेन्द्र सिंह हिहोर, एएसआई त्रिलोक बोरासी, एएसआई निलेश यादव और अन्य स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही।

मो.जवाद सिद्दीकी के महू मकान को तोड़ने पर हाई कोर्ट की रोक – 15 दिन तक कोई कार्रवाई नहीं

महू। दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के महू स्थित मकान पर कैंट बोर्ड द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण़ की कार्रवाई पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 15 दिन के लिए अंतरिम रूप से रोक लगा दी है। यह आदेश शुक्रवार सुबह 11 बजे सुनाया गया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि अगले 15 दिनों तक भवन पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई या तोड़फोड़ नहीं होगी।

अब्दुल माजिद की याचिका पर हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

यह अंतरिम स्थगन आदेश उस समय आया, जब मकान में रह रहे अब्दुल माजिद की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने कैंट बोर्ड के नोटिस को चुनौती देते हुए कहा कि नोटिस आधारहीन है और इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भवन का कौन-सा हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि कैंट बोर्ड ने 1996-97 के पुराने नोटिसों का हवाला दिया है, जबकि वर्तमान परिस्थिति के अनुरूप कोई ठोस तथ्य या आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही, वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन न किए जाने को भी गंभीर त्रुटि बताया गया।

कैंट बोर्ड का तीन दिन का नोटिस सवालों के घेरे में

मकान के स्वामित्व को लेकर भी याचिका में स्थिति स्पष्ट की गई। बताया गया कि यह मकान मूल रूप से मो. जवाद सिद्दीकी को उनके पिता हम्माद सिद्दीकी द्वारा उपहार में दिया गया था। बाद में जवाद ने इसे अब्दुल माजिद को उपहारस्वरूप हस्तांतरित किया, जो अपने परिवार के साथ लंबे समय से इस मकान में रह रहे हैं। इसके बावजूद कैंट बोर्ड ने मात्र तीन दिन का अल्टीमेटम देकर तोड़फोड़ शुरू करने का नोटिस जारी किया, जिसे याचिकाकर्ता ने मनमाना और नियमविरुद्ध बताया।

15 दिन बाद अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने नोटिस की अस्पष्टता, पुरानी कार्रवाई का संदर्भ और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुपालन न होने जैसे बिंदुओं को गंभीर मानते हुए फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 दिन बाद होगी, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई तय की जाएगी।