शाम को सुखेङा पर भक्तो का रहा सह भोज और विश्राम
सैलाना,नितेश राठौड़। जय जय सियाराम वीर बजरंगी की गुज और बेड बाजो पर जय जय सियाराम के बजते धुन उधर ढोलकी ताल पर थिरकते कदम केसरिया लिबास पहने हर एक भक्त के मुंह से जय सियाराम की गूंज से पुरा नगर राममय हो गया। नागरीको के साथ साथ छोटे छोटे बच्चे, महीला और बुजुर्गों ने इस पद यात्रा मे भाग लिया। केशरीया ध्वजा हाथ मे थामे सैलाना नगर से होरी हनुमान तक विशाल पद यात्रा की रवान गी हुई।
यह यात्रा करीबन 55 किलो मीटर की होकर गुरुवार शाम 6 बजे तक 35 किलो मिटर पैदल चलकर अपना सफर तय करेगे। वही रात्रि को सुखेङा मे भक्तो का सह भोजकर विश्राम की व्यवस्था संगठनो के पदाधिकारियों द्वारा की गई। अगले दिन शुक्रवार को सुबह दोबारा 15 किलो मिटर की दूरी तय करके राजस्थान की सीमा के समीप अति प्राचिन होरी हनुमान महाराज के मंदिर पहुचे। जहा पर नागरिकों ने भगवान होरी हनुमान बावजी के दर्शन कर नए वर्ष की शुरूआत की। कुछ ऐसा ही नजारा एक जनवरी नए वर्ष गुरुवावार को दिखाई दिया।

जगह जगह हुआ स्वागत
नगर से होरी हनुमान मंदिर तक सम्मिलित हुए भक्तो का अनेको चोराहो पर संगठंनो के पदाधिकारीयो ने इस पद यात्रा का साफा श्री फल के साथ पुष्प माला फुलो की पंखुडियो से भव्य स्वागत किया। स्वागत भोई मोहल्ला, बस स्टैङ, सदर बाजार, गणेश मंदिर, पेलेस चौराहा, जुनावास तक किया। कदम से कदम मिलाकर करिया रोङ पर पहुचे जहा से इस पद यात्रा आगे की और रवानगी दी गई।
शुक्रवार को होरी हनुमान जी मंदिर पर पहुँची यात्रा
श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ होरी हनुमान जी की पावन यात्रा 1 जनवरी को सैलाना नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आज 2 जनवरी को होरी हनुमान जी मंदिर पर पहुँची। यात्रा संयोजक मंगलेश कसेरा के नेतृत्व में किया गया। यात्रा के दौरान “जय श्रीराम” एवं “पवनसुत हनुमान की जय” के गगनभेदी उद्घोष से पूरा होरी हनुमान मंदिर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। मंदिर परिसर पहुँचने पर विधिवत पूजा-अर्चना, आरती एवं हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर यात्रा संयोजक मंगलेश कसेरा ने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं समाज में एकता, सद्भाव और सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य करती हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जय बलवीर व्यायामशाला भोई मोहल्ला व नगर के धर्मप्रेमी नागरिकों, युवाओं का विशेष योगदान रहा। अंत में प्रसादी वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
