करणी सेना जिला अध्यक्ष ईश्वर सिंह राठौड़ का जन्मदिन भजन संध्या व सामाजिक आह्वान के साथ मनाया गया
देपालपुर। सुमठा गाँव बुधवार रात राजपूत समाज की एकता, श्रद्धा और उत्साह का साक्षी बना। करणी सेना भारत इंदौर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष कु. ईश्वर सिंह राठौड़ का जन्मदिन यहाँ भव्य धार्मिक माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम केवल जन्मदिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को जोड़ने, संगठन को मजबूत करने और एकता का संकल्प लेने का मंच बन गया।
भजन संध्या से गूंजा सुमठा
शाम की शुरुआत भजन संध्या से हुई। प्रसिद्ध भजन गायक ने देर रात तक प्रभु भक्ति और सामाजिक चेतना से जुड़े भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन गूंजते ही माहौल भक्तिमय हो उठा और देर रात तक समाजजन झूमते रहे।
भव्य स्वागत और सम्मान
करणी सेना पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष राठौड़ का स्वागत राजपुताना साफा, शाल, श्रीफल और पुष्पहार से किया। यह क्षण केवल सम्मान का नहीं बल्कि समाज की परंपरा और गौरव को जीने का अवसर भी रहा।
एकता का संदेश
मंच से संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम और इंदौर जिला अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह गौर ने समाज को संगठित और सशक्त रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा – “समाज तभी प्रगति कर सकता है जब वह आपसी भेदभाव भूलकर एकसूत्र में बंधे और शिक्षा, संगठन और संस्कारों को आधार बनाकर आगे बढ़े।” उन्होंने युवाओं से समाजहित के कार्यों में भागीदारी करने और करणी सेना को सेवा के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।
रातभर चलता रहा बधाई का सिलसिला
समाजजन और पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। भजन और भोजन के साथ समाज की एकजुटता और सौहार्द्र का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
वरिष्ठों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा
इस अवसर पर समाज के अनेक वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से –
वरिष्ठ बहादुर सिंह भाटी (मुंडला सुलेमान), लाखन सिंह डाबी (लिंबोदा), अर्जुन सिंह पटेल (तलावली चांदा), महेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह गौतम, इंदौर जिला अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह गौर, महेश राठौड़, विजय सिंह, नरेंद्र सिंह, हरिओम बना, जयदीप बना सहित बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी और समाजजन मौजूद रहे।
जन्मदिन से आगे बढ़कर समाज का संकल्प
यह कार्यक्रम महज जन्मदिन का आयोजन नहीं था, बल्कि समाज के लिए एक नई ऊर्जा का प्रतीक बना। करणी सेना के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि समाजहित, शिक्षा, संगठन और सेवा की दिशा में कार्यों को और गति दी जाएगी। सुमठा की इस ऐतिहासिक रात ने साफ संदेश दिया – राजपूत समाज का भविष्य तभी उज्ज्वल है जब वह एकता, शिक्षा और संस्कार की राह पर संगठित होकर आगे बढ़े।