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ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण बैच का समापन, प्रशिक्षणार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र

महू/इंदौर। बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (बीओबी आरसेटी), भैंसलाय द्वारा संचालित ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण बैच का सफलतापूर्वक समापन किया गया। समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

संस्थान के निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल का उपयोग कर स्वयं का रोजगार स्थापित करें और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।

इस अवसर पर संस्थान की फैकल्टी रूपा कौशल एवं आशुतोष तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को व्यवहारिक जीवन में उपयोग करने की सलाह दी। वहीं कार्यालय सहायक पवन नायक और निशा वर्मा ने संचालन में सहयोग प्रदान किया।

प्रशिक्षिका हर्षिता सेन ने ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र में उपलब्ध स्वरोजगार की संभावनाओं और अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम में असेसर के रूप में के.डी. वर्मा एवं महक शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के कौशल का मूल्यांकन कर उनका मार्गदर्शन भी किया। समापन समारोह में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।

नैनीताल में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी एलेट स्पोर्ट्स की तीन खिलाड़ी

महू। उत्तराखंड के नैनीताल में 27 एवं 28 जून को आयोजित होने वाली 25वीं वार्डाे काई कराते स्पर्धा के लिए एलेट स्पोर्ट्स एकेडमी एवं आरडी विक्टोरियस की तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ है। यह प्रतियोगिता कराते इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के सानिध्य एवं उत्तराखंड स्पोर्ट्स कराते संघ के तत्वावधान में गोवर्धन हॉल, नैना लेक के निकट आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता में महू ब्लॉक एवं इंदौर जिले की खिलाड़ी राधिका पंचोले, सोनाक्षी पटेल एवं हर्षिता अटवाल मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीनों खिलाड़ी अपने-अपने वर्गों में काता एवं कुमिते स्पर्धाओं में भाग लेंगी। खिलाड़ियों के कोच अमय लश्करी तथा टीम मैनेजर जसवंत पंचोले रहेंगे। खिलाड़ियों के चयन पर शोतोकान इंटरनेशनल कराते मध्यप्रदेश संघ की उपाध्यक्ष शोभा पंचोले ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। खिलाड़ियों के चयन से खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है।

अवैध कॉलोनी का मसौदा तैयार, लेकिन कार्रवाई कब..?

अपर तहसीलदार बोले- संबंधितों को जारी होंगे नोटिस, जवाब के बाद बढ़ेगी प्रक्रिया

महू/सिमरोल। आंबाचंदन में वन क्षेत्र से सटी कृषि भूमि पर अवैध रूप से काटी गई फार्म हाउस कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला पखवाड़े भर पूर्व सामने आया था। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि इस मामले में क्षेत्रीय पटवारी द्वारा भी आंबाचंदन के सर्वे क्रमांक 664, 665 एवं 666/2 की कुल लगभग दो हेक्टेयर कृषि भूमि पर प्लॉटिंग, कच्ची सड़क निर्माण और सुविधाएं विकसित किए जाने सहित दो भूखंडों के विक्रय संबंधी विस्तृत पंचनामा एवं प्रतिवेदन तैयार कर अपर तहसीलदार को सौंपा था। लेकिन कार्रवाई के नाम पर महज नोटिस की औपचारिकता जारी है।

तीन किसानों की जमीन पर विकसित हुआ प्रोजेक्ट

ग्राम आंबाचंदन स्थित सर्वे क्रमांक 664, 665 एवं 666/2 की कुल लगभग दो हेक्टेयर भूमि पर प्लॉटिंग कर अवैध रूप से फार्म हाउस कॉलोनी विकसित की जा रही है। फार्म हाउस कॉलोनी के इस प्रोजेक्ट में किसान रूपेश डोडिया, कैलाश यादव, स्वप्निल यादव एवं अश्विन पाटीदार की कृषि भूमि शामिल है, जिस पर गिट्टी-मुरम का मार्ग तैयार किया गया, सीमेंट के पोल लगाने के साथ ही पानी की लाइन बिछाकर कई स्थानों पर कनेक्शन भी दिए गए हैं। जो कि साफ तौर पर प्लॉटिंग और कॉलोनी विकसित होने की स्थिति को दर्शा रहा है। जबकि इस फार्म हाउस कॉलोनी के लिए किसी भी प्रकार की सक्षम अनुमति संबंधित विभागों से नहीं ली गई। मामले में अब अपर तहसीलदार द्वारा संबंधितों के विरुद्ध नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा।

चिखली का मामला भी जांच के दायरे में

इधर ग्राम चिखली में मोइन उर्फ जुगनू द्वारा सर्वे नंबर 43/55/2/4/(5) की करीब 4.4330 हेक्टेयर कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित किए जाने की शिकायत राजस्व विभाग को प्राप्त हुई थी। यहां मोइन ने मुख्य मार्ग से कॉलोनी तक पहुंचने के लिए सीसी रोड़ का निर्माण तक कर लिया। मामले में जारी नोटिस के जवाब में मोइन ने एक कथित पत्र प्रस्तुत कर मार्ग निर्माण कराया जाना बताया है। साथ ही उक्त मार्ग को सार्वजनिक उपयोग का बताया गया है। हालांकि राजस्व अधिकारियों का कहना है कि कृषि भूमि पर सीसी रोड निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति आवश्यक होती है। मामले में संबंधित पंचायत से भी जवाब मांगा गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। –

इनका कहना

आंबाचंदन क्षेत्र से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित भूमि स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। – यशदीप रावत, अपर तहसीलदार, सिमरोल

गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान के प्रभाव का होगा वैज्ञानिक मूल्यांकन, 50 कुओं के जलस्तर का सर्वे शुरू

महू। कलेक्टर शिवम वर्मा के नेतृत्व एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन में संचालित गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान के तहत किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों के प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए गंभीर नदी के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित लगभग 50 चयनित कुओं के जलस्तर का पूर्व मानसून सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया है।

अभियान के अंतर्गत वाटरशेड टीम द्वारा चयनित कुओं का वर्तमान जलस्तर मापकर उसका अभिलेखीकरण किया जाएगा। आगामी वर्ष पूर्व मानसून अवधि में इन्हीं कुओं का दोबारा सर्वे कर जलस्तर की तुलना की जाएगी। इससे नाला ट्रेंचिंग, कंटीन्यूअस कंटूर ट्रेंच (सीसीटी), लूज बोल्डर चेक डैम, वृक्षारोपण एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों का भू-जल स्तर पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि गंभीर नदी पुनर्जीवन अभियान केवल जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिणामों का प्रमाण आधारित मूल्यांकन कर भविष्य की रणनीति तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। अध्ययन से प्राप्त आंकड़े आने वाले वर्षों में जल संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उपयोगी साबित होंगे।

जनपद पंचायत महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीराज दुबे ने वाटरशेड टीम को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक चयनित कुएं का जलस्तर, जीपीएस लोकेशन, फोटोग्राफ एवं अन्य आवश्यक जानकारियां वैज्ञानिक पद्धति से संकलित कर सुरक्षित रखी जाएं, ताकि भविष्य में सटीक तुलनात्मक विश्लेषण किया जा सके।

लखनऊ अग्निकांड के बाद इंदौर में बड़ा एक्शन, 13 संस्थान सील

इंदौर। लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इंदौर जिला प्रशासन फायर सेफ्टी को लेकर सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शहर के कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी, होटलों, रेस्टोरेंट्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में भंवरकुआं और गीता भवन क्षेत्र में एक दिन में 13 संस्थानों को सील किया गया।

एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने कैटेलाइजर, रेजोनेंस, रामानुजन, आयाम, न्यूक्लियम सहित कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में कई जगह फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिले, जबकि कुछ संस्थानों को पूर्व में नोटिस जारी कर कमियां दूर करने के निर्देश भी दिए गए थे। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की गई।

फायर सेफ्टी विभाग की टीम ने माखनवाला रसोई रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। यहां फायर ऑडिट नहीं कराया गया था तथा सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके अलावा मेडिकोज करियर इंस्टीट्यूट में भवन जर्जर स्थिति में मिला और वहां भी आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे। एक बेसमेंट में संचालित अवैध ऑटो सेंटर को भी बंद कराया गया।

जूनी इंदौर क्षेत्र में नालंदा परिसर, स्टडी आईएएस, माइंड कोचिंग क्लासेस, उड़ान करियर इंस्टीट्यूट, स्टडी आईक्यू, इंस्पायर लाइब्रेरी, ईरा लाइब्रेरी, गुरुकुल क्लासेस, श्रीजी लाइब्रेरी, सारथी लाइब्रेरी सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। अब तक 70 से अधिक भवनों को सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर सील किया जा चुका है

जनसुनवाई में पटवारी निलंबित, आदेश के पालन में दो माह की देरी पड़ी भारी

कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लिया, विभागीय जांच के भी दिए आदेश

इंदौर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। राजस्व न्यायालय के आदेश का दो माह तक पालन नहीं करने और आवेदक से अवांछित मांग किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिचौली हप्सी में पदस्थ पटवारी अनुशील जोसेफ को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए।

जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक ने शिकायत की कि राजस्व न्यायालय से आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित पटवारी द्वारा उसका पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत में अनावश्यक विलंब और अवांछित मांग किए जाने के आरोप भी लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर वर्मा ने तत्काल जानकारी ली और पाया कि आदेश जारी होने के दो माह बाद भी उसका पालन नहीं हुआ है। कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर अनियमितता मानते हुए पटवारी अनुशील जोसेफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदक के लंबित आदेश का पालन उसी दिन सुनिश्चित किया जाए।

जनसुनवाई में कलेक्टर वर्मा ने कहा कि शासन के आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, भरण-पोषण, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और भूमि विवाद से जुड़े अनेक प्रकरण भी सामने आए, जिनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत पर शिशुकुंज स्कूल का किचन सील

23 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे, एक्सपायरी सामग्री भी मिली

इंदौर। झलारिया कैंपस बाईपास रोड स्थित शिशुकुंज स्कूल में भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने स्कूल का औचक निरीक्षण कर किचन को आगामी आदेश तक सील कर दिया। साथ ही खाद्य सामग्री के 23 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

निरीक्षण के दौरान जांच दल ने स्कूल के किचन में उपयोग की जा रही विभिन्न खाद्य सामग्रियों की जांच की। टीम ने पनीर, आइसक्रीम, छह प्रकार के मसाले, शरबत, राजमा, तेल, नमकीन, चार प्रकार की दालें, दूध, तैयार दाल, कोफ्ते, कोफ्ते की सब्जी, पके हुए चावल, रोटी तथा पीने के पानी सहित कुल 23 नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे।

जांच के दौरान किचन में एक्सपायरी डेट निकल चुके मसालों के 10 पैकेट और नमकीन के दो पैकेट भी पाए गए। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही प्रकरण तैयार किया और स्कूल के किचन को सील कर दिया। कार्रवाई में एसडीएम कनाड़िया दीपक चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, खाद्य सुरक्षा विभाग, शिक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि स्कूल, हॉस्टल, मेस, कैंटीन या अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी, मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं दिखाई देने पर इसकी सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर दें, ताकि तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने किया जनसंवाद

महू। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने सोमवार को महू पहुंचकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ जनसंवाद किया। कार्यक्रम महू विधायक उषा ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

महू पहुंचने पर पवन पाटीदार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा बाबा साहब के सम्मान में जयघोष लगाए। इसके बाद हरिओम वाटिका पहुंच मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

हरिओम वाटिका में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार के “12 साल बेमिसाल” अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश कई क्षेत्रों में अन्य देशों पर निर्भर था, लेकिन आज भारत रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों का निर्माण कर भारत अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय विश्व को दे रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहें और जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दें।

इस अवसर पर ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल, जिला महामंत्री पूजालाल निनामा, ओमप्रकाश परसावदिया, घनश्याम पाटीदार, अशोक यादव, धीरज पाटीदार, प्रकाश यादव, डॉ. रीता अभिमन्यु, संतोष पाटीदार, मुकेश जरिया, रूपेश वाघमारे, बीके कौशल, सत्यनारायण परमार, संगीता भार्गव, प्रेरणा यादव, संगीता तंबोली, सविता कौशल, प्रेम चौधरी, करण नायक और लाल सिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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30 साल पुराने भूमि सौदे पर विवाद गहराया, किसान ने लगाई जान-माल की सुरक्षा की गुहार

देपालपुर/बेटमा। लगभग तीन दशक पुराने भूमि सौदे को लेकर देपालपुर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। ग्राम दतोदा निवासी एक किसान ने बेटमा थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 1996 में खरीदी गई कृषि भूमि का विक्रय पंजीयन आज तक नहीं कराया गया है। अब जमीन के बढ़े दामों के बीच विक्रेता पक्ष अतिरिक्त राशि की मांग कर रहा है तथा कब्जे से बेदखल करने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश चौधरी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने सर्वे क्रमांक 145/2 की कृषि भूमि का सौदा वर्ष 1996 में तत्कालीन भूमि स्वामी से करीब 3.80 लाख रुपए में किया था। आरोप है कि पूरी राशि प्राप्त करने के बाद विक्रेता ने भूमि का कब्जा सौंप दिया था और यह आश्वासन दिया था कि आवश्यकता पड़ने पर विक्रय पंजीयन भी करा दिया जाएगा। इसके बाद से वह लगातार भूमि का उपयोग और खेती-किसानी करते आ रहे हैं।

अतिरिक्त राशि मांगने का आरोप

आवेदन के अनुसार, वर्षों तक विक्रय पंजीयन कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद जब हाल ही में पंजीयन कराने की बात उठाई गई तो विक्रेता पक्ष ने कथित रूप से अतिरिक्त धनराशि की मांग शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि साफ तौर पर कहा गया कि जब तक और पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक रजिस्ट्री नहीं कराई जाएगी तथा भूमि पर अधिकार भी नहीं रहने दिया जाएगा।

हथियारों के साथ पहुंचने का दावा

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 5 जून 2026 को ग्राम रामबड़ोदिया में 10 से 15 वाहनों में सवार होकर 50 से अधिक लोग पहुंचे। शिकायतकर्ता का दावा है कि कुछ लोगों के पास बंदूक और तलवार जैसे हथियार भी थे। आरोप है कि इस दौरान उन्हें जमीन छोड़ने के लिए धमकाया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

बेदखली की आशंका, पुलिस से कार्रवाई की मांग

किसान ने आवेदन में आशंका जताई है कि जमीन के वर्तमान बाजार मूल्य में हुई वृद्धि के कारण विक्रेता पक्ष सौदे से पीछे हटने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने, कब्जे में हस्तक्षेप रोकने तथा स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कई अधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि

शिकायत की प्रतिलिपि गृह विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कलेक्टर इंदौर तथा एसडीओपी देपालपुर को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित आरोपितों की होगी।

पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

मामला फिलहाल शिकायत के स्तर पर है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।