महू। थाना बडगोंदा क्षेत्र के एक फार्म हाउस से हनीट्रैप का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें इंदौर की दो युवतियों और एक युवक ने मिलकर पूर्व सैन्य अधिकारी को षड्यंत्र पूर्वक फंसाकर उससे दो लाख रुपये की मांग की। बुधवार देर रात मामला बड़गोंदा थाने पहुंचा जहां पुलिस ने सैन्य अधिकारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गुरुवार को तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले के मुताबिक सेना के एक रिटार्यड अधिकारी, निवासी एमसीटी क्वार्टर महू, जो वर्तमान में (डीएससी) पठानकोट में पदस्थ हैं और छुट्टी पर घर आए हुए थे। पिछले तीन-चार दिनों से इंदौर निवासी भावना लगातार मोबाइल पर संपर्क कर रही थी और मिलने का दबाव बना रही थी। युवती ने अफसर को बातों में फसा लिया, मिलने का स्थान कैलोद रोड़ स्थित रेम्बो रिसोर्ट में तय हो गया। गुरुवार शाम के लिए अधिकारी ने कमरा बुक कराया। फिर भावना और अधिकारी की मुलाकात महू के हरिफाटक पर हुई यहां से दोनों रिसोर्ट साथ पहुंचे। रिसोर्ट में कुछ देर रुकने के दौरान महिला लगातार फोन और व्हाट्सएप पर किसी से संपर्क में थी। इसके बाद जैसे ही वह अधिकारी के करीब आई तभी अचानक बाहर से दरवाजा बंद कर दिया गया। थोड़ी देर बाद दरवाजा खुला तो बाहर एक महिला और एक युवक खड़े थे, जिन्होंने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए सैन्य अधिकारी को पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी। उक्त लोगों ने खुद को साधना गुप्ता और विजय तिलवारी बताया और अधिकारी से कहा कि यदि वह दो लाख रुपये नहीं देगा तो उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराएंगे। रिटार्यट सैन्य अधिकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया, जिसके जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया। इसके बाद सैन्य अधिकारी ने सीधे थाने पर सूचना दी जहां पहुंची पुलिस चारो को थाने ले आई। मामले में बड़गोंदा पुलिस ने भावना, साधना गुप्ता और विजय तिलवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले को हनीट्रैप से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक अन्य पीडित भी पहुंचा
थाना प्रभारी के मुताबिक मामला हनीट्रैप से जुड़ा है, इस मामले के खुलासे के बाद इंदौर निवासी युवक राजकुमार भी थाने पहुंचा है, जिसने आरोप लगाए कि इस गिरोह ने मुझे भी इसी तरह से फांस कर 22 हजार रूपए नकद और 5 हजार रूपए ऑनलाइन वसूले है। घटना इंदौर 78 की होकर बुधवार 2 अप्रैल की बताई गई है। पुलिस आशंका जता रही है कि इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते है। इधर पुलिस ने मामला सामने आने के बाद उक्त रिसोर्ट को भी सील कर दिया है, साथ ही रिसोर्ट संचालक द्वारा उक्त कमरा बुकिंग की जानकारी थाने में नहीं देने के मामले में संचालक के विरुद्ध धारा 223 भारतीय न्याय संहिता अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया है।
