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जनसुनवाई में पटवारी निलंबित, आदेश के पालन में दो माह की देरी पड़ी भारी

कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लिया, विभागीय जांच के भी दिए आदेश

इंदौर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। राजस्व न्यायालय के आदेश का दो माह तक पालन नहीं करने और आवेदक से अवांछित मांग किए जाने की शिकायत पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त कार्रवाई करते हुए बिचौली हप्सी में पदस्थ पटवारी अनुशील जोसेफ को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए।

जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक ने शिकायत की कि राजस्व न्यायालय से आदेश जारी होने के बावजूद संबंधित पटवारी द्वारा उसका पालन नहीं किया जा रहा है। शिकायत में अनावश्यक विलंब और अवांछित मांग किए जाने के आरोप भी लगाए गए। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर वर्मा ने तत्काल जानकारी ली और पाया कि आदेश जारी होने के दो माह बाद भी उसका पालन नहीं हुआ है। कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर अनियमितता मानते हुए पटवारी अनुशील जोसेफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदक के लंबित आदेश का पालन उसी दिन सुनिश्चित किया जाए।

जनसुनवाई में कलेक्टर वर्मा ने कहा कि शासन के आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनसुनवाई में राजस्व, पुलिस, भरण-पोषण, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और भूमि विवाद से जुड़े अनेक प्रकरण भी सामने आए, जिनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

बच्चों की तबीयत बिगड़ने की शिकायत पर शिशुकुंज स्कूल का किचन सील

23 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे, एक्सपायरी सामग्री भी मिली

इंदौर। झलारिया कैंपस बाईपास रोड स्थित शिशुकुंज स्कूल में भोजन करने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल ने स्कूल का औचक निरीक्षण कर किचन को आगामी आदेश तक सील कर दिया। साथ ही खाद्य सामग्री के 23 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

निरीक्षण के दौरान जांच दल ने स्कूल के किचन में उपयोग की जा रही विभिन्न खाद्य सामग्रियों की जांच की। टीम ने पनीर, आइसक्रीम, छह प्रकार के मसाले, शरबत, राजमा, तेल, नमकीन, चार प्रकार की दालें, दूध, तैयार दाल, कोफ्ते, कोफ्ते की सब्जी, पके हुए चावल, रोटी तथा पीने के पानी सहित कुल 23 नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे।

जांच के दौरान किचन में एक्सपायरी डेट निकल चुके मसालों के 10 पैकेट और नमकीन के दो पैकेट भी पाए गए। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही प्रकरण तैयार किया और स्कूल के किचन को सील कर दिया। कार्रवाई में एसडीएम कनाड़िया दीपक चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, खाद्य सुरक्षा विभाग, शिक्षा विभाग तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे।

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि स्कूल, हॉस्टल, मेस, कैंटीन या अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में गंदगी, मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं दिखाई देने पर इसकी सूचना कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर दें, ताकि तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने किया जनसंवाद

महू। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने सोमवार को महू पहुंचकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ जनसंवाद किया। कार्यक्रम महू विधायक उषा ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

महू पहुंचने पर पवन पाटीदार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा बाबा साहब के सम्मान में जयघोष लगाए। इसके बाद हरिओम वाटिका पहुंच मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

हरिओम वाटिका में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार के “12 साल बेमिसाल” अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले देश कई क्षेत्रों में अन्य देशों पर निर्भर था, लेकिन आज भारत रक्षा, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों का निर्माण कर भारत अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय विश्व को दे रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहें और जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दें।

इस अवसर पर ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल, जिला महामंत्री पूजालाल निनामा, ओमप्रकाश परसावदिया, घनश्याम पाटीदार, अशोक यादव, धीरज पाटीदार, प्रकाश यादव, डॉ. रीता अभिमन्यु, संतोष पाटीदार, मुकेश जरिया, रूपेश वाघमारे, बीके कौशल, सत्यनारायण परमार, संगीता भार्गव, प्रेरणा यादव, संगीता तंबोली, सविता कौशल, प्रेम चौधरी, करण नायक और लाल सिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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30 साल पुराने भूमि सौदे पर विवाद गहराया, किसान ने लगाई जान-माल की सुरक्षा की गुहार

देपालपुर/बेटमा। लगभग तीन दशक पुराने भूमि सौदे को लेकर देपालपुर क्षेत्र में विवाद गहरा गया है। ग्राम दतोदा निवासी एक किसान ने बेटमा थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 1996 में खरीदी गई कृषि भूमि का विक्रय पंजीयन आज तक नहीं कराया गया है। अब जमीन के बढ़े दामों के बीच विक्रेता पक्ष अतिरिक्त राशि की मांग कर रहा है तथा कब्जे से बेदखल करने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश चौधरी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने सर्वे क्रमांक 145/2 की कृषि भूमि का सौदा वर्ष 1996 में तत्कालीन भूमि स्वामी से करीब 3.80 लाख रुपए में किया था। आरोप है कि पूरी राशि प्राप्त करने के बाद विक्रेता ने भूमि का कब्जा सौंप दिया था और यह आश्वासन दिया था कि आवश्यकता पड़ने पर विक्रय पंजीयन भी करा दिया जाएगा। इसके बाद से वह लगातार भूमि का उपयोग और खेती-किसानी करते आ रहे हैं।

अतिरिक्त राशि मांगने का आरोप

आवेदन के अनुसार, वर्षों तक विक्रय पंजीयन कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद जब हाल ही में पंजीयन कराने की बात उठाई गई तो विक्रेता पक्ष ने कथित रूप से अतिरिक्त धनराशि की मांग शुरू कर दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि साफ तौर पर कहा गया कि जब तक और पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक रजिस्ट्री नहीं कराई जाएगी तथा भूमि पर अधिकार भी नहीं रहने दिया जाएगा।

हथियारों के साथ पहुंचने का दावा

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 5 जून 2026 को ग्राम रामबड़ोदिया में 10 से 15 वाहनों में सवार होकर 50 से अधिक लोग पहुंचे। शिकायतकर्ता का दावा है कि कुछ लोगों के पास बंदूक और तलवार जैसे हथियार भी थे। आरोप है कि इस दौरान उन्हें जमीन छोड़ने के लिए धमकाया गया और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।

बेदखली की आशंका, पुलिस से कार्रवाई की मांग

किसान ने आवेदन में आशंका जताई है कि जमीन के वर्तमान बाजार मूल्य में हुई वृद्धि के कारण विक्रेता पक्ष सौदे से पीछे हटने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने, कब्जे में हस्तक्षेप रोकने तथा स्वयं और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

कई अधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि

शिकायत की प्रतिलिपि गृह विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, कलेक्टर इंदौर तथा एसडीओपी देपालपुर को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित आरोपितों की होगी।

पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

मामला फिलहाल शिकायत के स्तर पर है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

RANGEELA PRADESH

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चोरल डेम के पास लाखों के जुए के फड़ पर किशनगंज और बड़गोंदा पुलिस का संयुक्त छापा15 जुआरी गिरफ्तार, 28.80 लाख रुपये का मश्रुका जब्त

रिपोर्टर: आकश राठौर

महू। बड़गोंदा एवं किशनगंज पुलिस ने जुए के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करते हुए चोरल डेम के समीप ग्राम रामपुरिया में संचालित लाखों रुपये के जुए के फड़ पर दबिश देकर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल, वाहन एवं अन्य सामग्री सहित कुल 28 लाख 80 हजार 310 रुपये का मश्रुका जब्त किया है।

एसडीओपी ललित सिकरवार ने बताया कि 8 जून को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम रामपुरिया स्थित चोरल डेम के पास खुले खेत में कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना बड़गोंदा पुलिस ने किशनगंज थाना प्रभारी अमित भाभोर को साथ लेकर विशेष टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। खेत की घेराबंदी कर पुलिस ने 15 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में उस्मान शाह, वहीद खान, घनश्याम चौहान, प्रेमचंद उर्फ बंटी शर्मा, अकरबर शाह, देवेन्द्र सोलंकी, मुरली गिनावा, मोहम्मद सलमान, विशाल पटेल, मोहित शर्मा, जफर खान, राज यादव, अजहर शेख, मनीष सोनी एवं प्रशांत उर्फ पिंटू इश्वरे शामिल हैं। इनमें अधिकांश आरोपी इंदौर, उज्जैन, देवास तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। बड़गोंदा पुलिस आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश करेंगी।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी राहुल कदम निवासी सुतारखेड़ी, महेश गिनावा निवासी रामपुरिया, चन्द्रप्रकाश केथवास निवासी कोदरिया तथा कुछ अन्य आरोपी खेत और झाड़ियों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

नगदी, मोबाइल, कारें और एयर गन जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जुए में उपयोग की जा रही सामग्री जब्त की है, जिसमें 52 पत्तों की दो खुली गड्डियां, दो सीलबंद ताश की गड्डियां, 1 लाख 76 हजार 260 रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, दो एयर गन, चार कारें, तीन दोपहिया वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों में डिजायर, बलेनो, अर्टिगा कारों के साथ स्प्लेंडर मोटरसाइकिल एवं एक्सेस स्कूटी भी शामिल है। कुल जब्त मश्रुका 28 लाख 80 हजार 310 रुपये आंका गया है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 49, 112(2) बीएनएस एवं जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई में एसडीओपी ललित सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बड़गोंदा प्रकाश वास्कले, थाना प्रभारी किशनगंज अमित भाभोर, उपनिरीक्षक मिथुन औसारी, महेश वर्मा, जगदीश भाभर, राकेश, साइबर सेल एवं महू-किशनगंज पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नामांतरण के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाला पटवारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा

रिपोर्टर: जीवन डोडिया

मनावर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त इंदौर ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी दो प्लाटों के नामांतरण के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था।

जानकारी के अनुसार ग्राम कस्थली निवासी शिकायतकर्ता अरुण कुमार तिवारी ने लोकायुक्त इंदौर को शिकायत दर्ज कराई थी कि संबंधित पटवारी प्रवीण पाटीदार द्वारा दो प्लाटों के नामांतरण के लिए प्रति प्लाट 10 हजार रुपये, कुल 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की। सोमवार को इंदौर रोड स्थित रेस्ट हाउस परिसर में आरोपी पटवारी प्रवीण पाटीदार को 10 हजार रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत की गई। टीम पहले से ही मौके पर तैनात थी और जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे तत्काल पकड़ लिया गया।

यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में संपन्न हुई। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है तथा क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।

जन्मदिन को बनाया सेवा दिवस, कुलदीप ठाकुर ने यात्रियों को दी निशुल्क बस यात्रा की सौगात

महू। पिगडम्बर के युवा समाजसेवी कुलदीप ठाकुर ने अपना जन्मदिवस जनसेवा को समर्पित करते हुए अनूठे अंदाज में मनाया। सोमवार को उन्होंने दिनभर विभिन्न सेवा गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें आमजन को राहत पहुंचाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने पर विशेष जोर रहा।

जन्मदिवस के अवसर पर कुलदीप ठाकुर ने महू-इंदौर मार्ग पर संचालित अपनी दो यात्री बसों में सफर करने वाले सभी यात्रियों के लिए यात्रा पूरी तरह निशुल्क कर दी। इस पहल से यात्रियों को बड़ी राहत मिली और उन्होंने कुलदीप ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों की सराहना की। इसके साथ ही पिगडम्बर चौराहे के समीप कैप्सटाउन कॉलोनी के बाहर राहगीरों के लिए दूध से निर्मित शरबत वितरण का आयोजन किया गया। उमस भरी गर्मी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत का सेवन कर राहत महसूस की। इस सेवा कार्य में कैप्सटाउन कॉलोनी के रहवासी भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए और जनसेवा में अपना योगदान दिया।

पौधारोपण और पौधों का वितरण
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से टीम कुलदीप ठाकुर द्वारा बस यात्रियों सहित क्षेत्रवासियों को फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया। वहीं कुलदीप ठाकुर ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कुलदीप ठाकुर ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम होना चाहिए।

राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा पर सवाल: घाटाबिल्लोद स्थित होटल पर फटा तिरंगा फहराने का मामला, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

घाटाबिल्लोद/बेटमा। बेटमा थाना क्षेत्र अंतर्गत महू-नीमच रोड पर स्थित घाटाबिल्लोद ब्रिज के समीप संचालित चौधरी होटल एंड रेस्टोरेंट में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार होटल परिसर में फटा एवं क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया पाया गया, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि उक्त प्रतिष्ठान का संचालन सत्यनारायण चौधरी द्वारा किया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति को लेकर नागरिकों ने इसे देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे की गरिमा के विपरीत बताया है तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर स्पष्ट हैं नियम

भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और सम्मान का प्रतीक है। केंद्र सरकार द्वारा जारी फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन, रखरखाव और सम्मान संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। फ्लैग कोड के अनुसार किसी भी स्थिति में फटा, क्षतिग्रस्त, मैला या विकृत राष्ट्रीय ध्वज सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। ध्वज ऐसी स्थिति में पाया जाने पर उसे सम्मानजनक तरीके से हटाया जाना आवश्यक है।

कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण

राष्ट्रीय ध्वज के अपमान अथवा उसकी गरिमा के प्रतिकूल उपयोग को राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों के तहत देखा जा सकता है। हालांकि किसी भी मामले में कार्रवाई से पूर्व सक्षम प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा तथ्यात्मक जांच आवश्यक होती है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानकों के विपरीत स्थिति में फहराया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी जांच कर यह निर्धारित किया जाता है कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर उठे प्रश्न

घटना सामने आने के बाद यह प्रश्न भी उठ रहा है कि सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय से फटा राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित होने के बावजूद संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर क्यों नहीं गया। नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर नियमित निगरानी और जागरूकता दोनों आवश्यक हैं।

जांच के बाद ही तय होगी जवाबदेही

फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की अपेक्षा की जा रही है। यदि जांच में राष्ट्रीय ध्वज संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए, जिससे तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।