पीथमपुर, जीवन डोडिया। इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह मंगलवार को पीथमपुर स्थित सेक्टर नंबर-1 थाने का औपचारिक औचक निरीक्षण करेंगे। हालांकि निरीक्षण से पहले ही पूरे थाने में तैयारियों का दौर तेज हो गया है। डीआईजी के दौरे की सूचना मिलते ही थाना परिसर में साफ-सफाई, रिकॉर्ड दुरुस्त करने, लंबित प्रकरणों के निराकरण, मालखाने की व्यवस्था और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे जैसे काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
पुलिस विभाग में आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण को बेहद गोपनीय रखा जाता है, ताकि थानों की वास्तविक कार्यप्रणाली सामने आ सके। लेकिन इंदौर ग्रामीण डीआईजी मनोज कुमार सिंह के निरीक्षण की खास बात यह मानी जाती है कि उनके दौरे की जानकारी पहले ही पुलिस अमले तक पहुंच जाती है। इसका असर यह होता है कि जिन फाइलों पर लंबे समय से धूल जमी होती है, वे अचानक टेबल पर आ जाती हैं। अधूरे रिकॉर्ड पूरे होने लगते हैं, लंबित मामलों में तेजी दिखाई देने लगती है और थाना परिसर भी नए रंग-रूप में नजर आने लगता है।

सूत्रों के मुताबिक सेक्टर नंबर-1 थाने में इन दिनों हर शाखा को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। बीट रजिस्टरों से लेकर अपराध रजिस्टर तक अपडेट किए जा रहे हैं। मालखाने की वस्तुओं का मिलान किया जा रहा है, लंबित विवेचनाओं की समीक्षा हो रही है और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जा रही है। थाना परिसर की साफ-सफाई के लिए भी विशेष अभियान चलाया गया है, ताकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने न आए।
पुलिस महकमे में यह चर्चा भी है कि डीआईजी के निरीक्षण से पहले पूरे स्टाफ की सक्रियता अचानक कई गुना बढ़ जाती है। निरीक्षण को लेकर थाना प्रभारी से लेकर बीट प्रभारी तक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। यही वजह है कि निरीक्षण से पहले पूरे थाने का माहौल किसी अभियान से कम दिखाई नहीं देता।
कहने वाले तो यह भी कहते हैं कि यदि हर दिन निरीक्षण की संभावना बनी रहे, तो शायद रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहें, लंबित प्रकरण समय पर निपटें और थाना परिसर भी हमेशा व्यवस्थित दिखाई दे। फिलहाल मंगलवार को होने वाले निरीक्षण पर सभी की निगाहें टिकी हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि डीआईजी को तैयारियों के बीच कोई कमी नजर आती है या फिर पूरा थाना उनकी कसौटी पर खरा उतरता है।
