तत्कालीन प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी से की जांच की मांग, शिक्षा पोर्टल, यू-डाइस, एमपीटास और ओआईएस का मामला
देपालपुर– जीवन डोडिया 9926084685। शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देपालपुर में प्राचार्य के स्थानांतरण के बाद विद्यालय के विभिन्न शासकीय पोर्टलों के कूटशब्द एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में तत्कालीन प्राचार्य सपना सिंह भदौरिया ने जिला शिक्षा अधिकारी, इंदौर को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने तथा जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। दस्तावेजों में शिक्षा पोर्टल 3.0, विद्यालय पहचान क्रमांक, यू-डाइस, एमपीटास तथा ओआईएस सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का उल्लेख किया गया है।
स्थानांतरण के बाद बदले कूटशब्द

दस्तावेजों के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल के स्थानांतरण आदेश के आधार पर सपना सिंह भदौरिया का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिमनबाई, देवास के लिए किया गया था। पत्र में उल्लेख है कि स्थानांतरण के बाद उन्होंने देपालपुर संस्था से कार्यमुक्त होकर नई संस्था में कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद देपालपुर विद्यालय से संबंधित विभिन्न शासकीय पोर्टलों के कूटशब्द तथा पंजीकृत मोबाइल नंबर में परिवर्तन किए जाने की बात सामने आई। तत्कालीन प्राचार्य की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र में इन बदलावों की जानकारी देते हुए मामले को गंभीरता से लेने और जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
किसके निर्देश पर हुआ बदलाव, जांच से होगा खुलासा

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्राचार्य के स्थानांतरण के बाद विद्यालय के शासकीय पोर्टलों के कूटशब्द और मोबाइल नंबर किसके निर्देश पर बदले गए और इसके लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई थी या नहीं। दस्तावेज में विद्यालय का पहचान क्रमांक 1722003016 तथा यू-डाइस कोड 23260306139 दर्ज है। साथ ही पंजीकृत मोबाइल नंबर में परिवर्तन किए जाने का भी उल्लेख है। पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है और उस पर कार्यालय की प्राप्ति मुहर भी दिखाई दे रही है।
ओआईएस व्यवस्था में भी दर्ज है अलग प्रभारी

मामले से जुड़े तीसरे पृष्ठ पर ओआईएस की परदे की प्रति संलग्न है। इसमें सपना सिंह, प्राचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कर्मचारी पहचान क्रमांक एपी2973 तथा विद्यालय का यू-डाइस कोड 23260306139 प्रदर्शित हो रहा है। इसी विवरण में ओआईएस प्रभारी के रूप में संजय चेतवानी तथा प्रभारी पहचान क्रमांक बीपी8313 दर्ज दिखाई देता है। परदे की प्रति में विद्यालय के आने-जाने के समय का विवरण भी दर्ज है। दस्तावेज पर हस्तलिखित टिप्पणियां और अधिकारियों के हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे हैं।
डिजिटल अभिलेखों की सुरक्षा से जुड़ा मामला
विद्यालयों में शासकीय योजनाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा संस्थागत कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी विभिन्न विभागीय पोर्टलों पर दर्ज रहती है। ऐसे में स्थानांतरण के बाद किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी के कूटशब्द एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर में बदलाव की प्रक्रिया नियमानुसार हुई थी या नहीं, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। तत्कालीन प्राचार्य की शिकायत के बाद अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना है कि कूटशब्द कब बदले गए, किस उपयोगकर्ता के माध्यम से बदलाव किया गया और संबंधित परिवर्तन के लिए अधिकृत अनुमति किस स्तर से प्राप्त हुई थी।
विभागीय जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
पूरे प्रकरण में दस्तावेजों के आधार पर आरोप और आपत्तियां सामने आई हैं। हालांकि, किस व्यक्ति ने बदलाव किया और वह नियमसम्मत था अथवा नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच एवं संबंधित पोर्टलों के अभिलेखों की जांच के बाद ही निकल सकेगा। अब निगाह जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की आगामी कार्रवाई पर है। यदि विभाग पोर्टलों की परिवर्तन विवरणिका, प्रवेश अभिलेख और अधिकृत आदेशों की जांच करता है तो तबादले के बाद विद्यालय के डिजिटल प्रशासन में हुए बदलाव की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।
