Homeइंदौर ग्रामीणअपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, शिकायतों का त्वरित निराकरण पुलिस की प्राथमिकता

अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, शिकायतों का त्वरित निराकरण पुलिस की प्राथमिकता

डीआईजी मनोज सिंह ने ली इंदौर ग्रामीण पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा

इंदौर। अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ आमजन की शिकायतों का समय पर और संवेदनशीलता के साथ निराकरण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद से ही अपराध नियंत्रण और मजबूत कानून-व्यवस्था की नींव तैयार होती है। यह बात पुलिस उप महानिरीक्षक, इंदौर रेंज मनोज सिंह ने इंदौर ग्रामीण पुलिस की अपराध समीक्षा बैठक के दौरान कही।

बैठक में जिले की अपराध स्थिति, गंभीर एवं चिन्हित अपराधों, पुराने लंबित प्रकरणों, सीएम हेल्पलाइन, जनशिकायतों और आगामी त्योहारों को लेकर कानून-व्यवस्था की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान पुलिस अधीक्षक इंदौर ग्रामीण राजेंद्र कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकृष्ण, उप पुलिस अधीक्षक उमाकांत, महू, देपालपुर एवं सांवेर के एसडीओपी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

लंबित अपराधों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान डीआईजी ने थाना और अनुभागवार गंभीर अपराधों, चिन्हित अपराधों तथा लंबे समय से लंबित मामलों की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों की विवेचना में तेजी लाने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

हर शिकायत को गंभीरता से सुने पुलिस

डीआईजी ने सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन की प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जाए। शिकायतकर्ता की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनने के साथ उसका विधिसम्मत निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। पुलिस सहायता की जरूरत होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन के साथ मृदु और सहयोगात्मक व्यवहार रखने की बात कही। डीआईजी ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता और जवाबदेही जितनी मजबूत होगी, जनता का पुलिस पर विश्वास भी उतना ही बढ़ेगा।

त्योहारों को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश

बैठक में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, पुलिस बल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को लेकर अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली गई। डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का रिस्पॉन्स समय पर और प्रभावी रहे, इस पर भी विशेष जोर दिया गया।

जनता का विश्वास मजबूत करने पर जोर

बैठक के अंत में डीआईजी मनोज सिंह ने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ पुलिस की जिम्मेदारी जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करना भी है। इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ काम करें। लंबित अपराधों और शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के साथ आगामी त्योहारों में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए।

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