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राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा पर सवाल: घाटाबिल्लोद स्थित होटल पर फटा तिरंगा फहराने का मामला, प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

घाटाबिल्लोद/बेटमा। बेटमा थाना क्षेत्र अंतर्गत महू-नीमच रोड पर स्थित घाटाबिल्लोद ब्रिज के समीप संचालित चौधरी होटल एंड रेस्टोरेंट में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी के अनुसार होटल परिसर में फटा एवं क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया पाया गया, जिसके बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि उक्त प्रतिष्ठान का संचालन सत्यनारायण चौधरी द्वारा किया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति को लेकर नागरिकों ने इसे देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे की गरिमा के विपरीत बताया है तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर स्पष्ट हैं नियम

भारत का राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता, एकता और सम्मान का प्रतीक है। केंद्र सरकार द्वारा जारी फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन, रखरखाव और सम्मान संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। फ्लैग कोड के अनुसार किसी भी स्थिति में फटा, क्षतिग्रस्त, मैला या विकृत राष्ट्रीय ध्वज सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। ध्वज ऐसी स्थिति में पाया जाने पर उसे सम्मानजनक तरीके से हटाया जाना आवश्यक है।

कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण

राष्ट्रीय ध्वज के अपमान अथवा उसकी गरिमा के प्रतिकूल उपयोग को राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों के तहत देखा जा सकता है। हालांकि किसी भी मामले में कार्रवाई से पूर्व सक्षम प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा तथ्यात्मक जांच आवश्यक होती है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय ध्वज निर्धारित मानकों के विपरीत स्थिति में फहराया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा इसकी जांच कर यह निर्धारित किया जाता है कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर उठे प्रश्न

घटना सामने आने के बाद यह प्रश्न भी उठ रहा है कि सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय से फटा राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित होने के बावजूद संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर क्यों नहीं गया। नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर नियमित निगरानी और जागरूकता दोनों आवश्यक हैं।

जांच के बाद ही तय होगी जवाबदेही

फिलहाल मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की अपेक्षा की जा रही है। यदि जांच में राष्ट्रीय ध्वज संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं दूसरी ओर संबंधित पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए, जिससे तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट हो सके।

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