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19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ, इस वर्ष पालकी पर आएंगी मां दुर्गा और हाथी पर होगा प्रस्थान

महू / इंदौर। चैत्र नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस बार मां दुर्गा पालकी (डोली) पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर आगमन करेंगी, जबकि नवरात्रि के समापन पर माता का प्रस्थान हाथी पर होगा। संतों के अनुसार यह वर्ष शुरुआत में कुछ चुनौतियां तो दिखाता है, लेकिन अंत में सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा के संकेत देता है। यह जानकारी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, श्री सिद्ध बाबा श्यामगिरि सवाई मठ परिवार दिल्ली दरबार के इंदौर मालवा मंडल के श्री महंत आनंद गिरी जी महाराज (बाप जी) ने उज्जैनी पंचांग के आधार पर दी।

चैत्र नवरात्रि से हुई थी सृष्टि की शुरुआत

महाराज जी ने बताया कि ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। इसी दिन से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है। बाद में सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में इसी तिथि से नए संवत्सर की गणना शुरू की, जिसे आज विक्रम संवत के रूप में जाना जाता है। इसी कारण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम का जन्म भी चैत्र नवरात्रि के दौरान ही हुआ था।

महाराज जी के अनुसार इस वर्ष 19 मार्च को गुरुवार होने के कारण माता पालकी पर सवार होकर आएंगी। ज्योतिष शास्त्र में पालकी की सवारी को बहुत शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे देश-दुनिया में महामारी, राजनीतिक अस्थिरता या प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि 2026 में शनि और राहु के गोचर के बीच पालकी पर माता का आगमन लोगों को स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत देता है। हालांकि भक्तों के लिए माता की भक्ति सदैव कल्याणकारी रहती है। वहीं नवरात्रि की नवमी इस वर्ष शुक्रवार को पड़ रही है, इसलिए माता का प्रस्थान हाथी पर होगा, जिसे अत्यधिक वर्षा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

तीन शुभ योग में शुरू होगी नवरात्रि

  • शुक्ल योग – 19 मार्च प्रात:काल से रात 1:17 बजे तक
  • ब्रह्म योग – 19 मार्च रात 1:17 बजे से 20 मार्च तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग – 20 मार्च सुबह 4:05 से 6:25 बजे तक

घट स्थापना के शुभ मुहूर्त

उज्जैनी पंचांग के अनुसार घट स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बन रहे हैं –

  • सुबह 6:53 से 7:56 बजे तक चौघड़िया मुहूर्त
  • दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक अभिजीत मुहूर्त

इसके साथ ही दोपहर 12:26 से 12:53 बजे तक लाभ चौघड़िया का समय भी अत्यंत शुभ माना गया है।

नौ दिनों में मां के नौ स्वरूपों की पूजा

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है।
पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नवमी के दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। संतों के अनुसार नवरात्रि का पर्व शक्ति, भक्ति और साधना का महापर्व है, जिसमें मां दुर्गा की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

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