सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा पानी
गंभीर–नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना अधर में
एसडीएम के नाम किसानों ने सौंपा ज्ञापन
महू। ग्राम भगोरा के किसानों को गंभीर–नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। पानी के अभाव में क्षेत्रीय किसान न केवल परेशान हैं, बल्कि पूर्व में कई किसानों की फसलें भी सूख चुकी हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान प्रशासनिक संकुल भवन पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर व एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
चौपाल बैठक में एकजुट हुए किसान
गंभीर–नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं होने से नाराज किसानों ने एक दिन पूर्व गांव में चौपाल बैठक आयोजित की थी। बैठक में किसानों ने संगठित होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाने की रणनीति बनाई। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसान अपने हक और अधिकारों के लिए एकजुट नजर आए।

सिर्फ भगोरा के साथ ही सौतेला व्यवहार क्यों?
क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व गंभीर–नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना का कार्य किया गया था। बीते दो वर्षों से दतोदा, मेमंदी, आंबाचंदन, हरसोला सहित आसपास के गांवों में नर्मदा का पानी सिंचाई के लिए भरपूर मात्रा में उपलब्ध हो रहा है, लेकिन भगोरा गांव तक अब तक पानी नहीं पहुंच पाया।
जब भी किसानों ने पानी की मांग उठाई, संबंधित विभाग द्वारा पाइप लाइन में लीकेज का हवाला देकर मामला टाल दिया गया। किसानों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा भगोरा गांव में घटिया किस्म के पाइप लगाए गए, जिसके चलते शासन की यह महत्वपूर्ण परियोजना यहां पूरी तरह ठप पड़ी है। किसानों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से इस परियोजना के माध्यम से उन्हें एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ। इसी कारण किसानों ने विभागीय रवैये को अपने प्रति सौतेला व्यवहार बताया है।
इधर, किसान सरपंच पति से भी खासे नाराज नजर आए। किसानों का कहना है कि जब उन्होंने शासकीय विद्यालय परिसर में संगठित होकर बैठक करना चाही, तो सरपंच पति ने जानबूझकर विद्यालय में ताला जड़ दिया। किसानों ने इसे उनके अधिकारों का खुला हनन बताया।
