हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच दल गठित
झाबुआ। झाबुआ में आयोजित मेले के दौरान हुए एक अनपेक्षित हादसे में बच्चों के घायल होने की सूचना मिलते ही कलेक्टर नेहा मीना ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचकर घायल बच्चों का हाल-चाल जाना। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा बच्चों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया।
कलेक्टर ने चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी घायलों को समुचित और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बी एस बघेल को व्यक्तिगत रूप से उपचार की निगरानी करने और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हादसे की जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच दल गठित
हादसे की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच दल गठित करने के आदेश जारी किए। जांच दल में अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, कार्यपालन यंत्री मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तथा परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को शामिल किया गया है।
यह जांच दल घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस हादसे में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों का स्वास्थ्य
कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता घायल बच्चों का बेहतर उपचार है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पूरा फोकस बच्चों के स्वास्थ्य पर है, ताकि वे शीघ्र स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकें। साथ ही प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं समानांतर रूप से संचालित की जाएंगी।
इस संबंध में सीएमएचओ झाबुआ ने जानकारी दी कि सांदीपनि विद्यालय के कुल 14 छात्र-छात्राएं, जिनमें 13 छात्राएं और 1 छात्र शामिल हैं, जिला अस्पताल में उपचार हेतु लाए गए हैं। सभी घायलों की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है और उनके वाइटल्स सामान्य हैं। बच्चों के माता-पिता को भी लगातार सूचना दी जा रही है।
