महू। शहर की नवाचारी एवं आदर्श शिक्षिका श्रीमती पायल परदेशी को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्यों के लिए ‘इंदौर रत्न अलंकरण’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विद्यालय स्तर, जनशिक्षा केंद्र स्तर तथा महू ब्लॉक में नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पंडित योगेंद्र महंत, वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रशेखर बिरथरे, बालकराम शाद एवं अर्पणा जोशी द्वारा पायल परदेशी को सम्मानित किया गया। पायल परदेशी ने शिक्षा क्षेत्र में नवाचार करते हुए रटने की परंपरागत पद्धति के स्थान पर समस्या-आधारित अधिगम (Problem-Based Learning) और खेल-आधारित शिक्षण विधि को अपनाया है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों (TLM) का उपयोग कर हिंदी सहित अन्य विषयों को रोचक बनाते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है।
विगत कई वर्षों से पायल परदेशी राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल से प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले एवं ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी कर रही हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश में विषय विशेषज्ञ के रूप में पाठ्यपुस्तकों के निर्माण में लेखिका के रूप में भी चयनित हुई हैं। इससे पूर्व भी पायल परदेशी को शिक्षा, समाजसेवा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सैकड़ों पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं। पायल परदेशी की इस उपलब्धि पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, समाजसेवी संगठनों एवं साहित्य परिषद के साहित्यकारों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की है।
